पारंपरिक रूप से चली आ रही बाबा कीनाराम की 427वीं जयंती पर हरिश्चंद्र घाट में होंगे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन

9 सितंबर की मध्यरात्रि होगा श्मशान पीठ पूजन, 10 सितंबर को ‘एक शाम महाकाल के नाम’ सांस्कृतिक संध्या; शहनाई वादन रहेगा प्रमुख आकर्षण

वाराणसी। काशी की अघोर परंपरा में विशेष महत्व रखने वाले अघोरपीठ हरिश्चंद्र घाट पर परमपूज्य अवधूत श्रेष्ठ बाबा कीनाराम जी की 427वीं जयंती के अवसर पर दो दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पारंपरिक रूप से चली आ रही इस आयोजन परंपरा के तहत हरिश्चंद्र घाट स्थित महाश्मशान में विशेष पूजन-अनुष्ठान के साथ संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन को लेकर अघोरपीठ की ओर से तैयारियां पूरी की जा रही हैं।

9 सितंबर की रात होगा श्मशान पीठ पूजन

अघोरपीठ हरिश्चंद्र घाट, काशी के पीठाधीश्वर अवधूत ऊंच चंद्रेश्वर कपालि बाबा ने पत्रकार वार्ता में कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 9 सितंबर की मध्यरात्रि 11 बजे श्मशान पीठ पूजन का आयोजन किया जाएगा। अघोर परंपरा में इस पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इसके बाद साधकों के बहुआयामी आध्यात्मिक उत्थान के लिए योगिनी चक्र पूजन का आयोजन संपन्न होगा।

पीठ की ओर से बताया गया कि बाबा कीनाराम जी की जयंती के अवसर पर होने वाले धार्मिक अनुष्ठान अघोर परंपरा और साधना पद्धति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। महाश्मशान में होने वाले इन आयोजनों में साधक और श्रद्धालु परंपरागत विधि-विधान के साथ शामिल होंगे।

10 सितंबर को होगी ‘एक शाम महाकाल के नाम’

कार्यक्रमों की श्रृंखला में 10 सितंबर 2026 को हरिश्चंद्र घाट स्थित चेत सिंह किला परिसर में ‘एक शाम महाकाल के नाम’ सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। काशी की समृद्ध और पारंपरिक संगीत परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

सांस्कृतिक संध्या में भजन, शास्त्रीय संगीत, राग, ठुमरी, दादरा सहित विभिन्न संगीत विधाओं की प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक राजन तिवारी समेत कई कलाकार हिस्सा लेंगे। इसके अलावा स्माट मद्द राय, चेतन स्माट चैतन्य सिंह, डॉ. स्नेहल शुक्ला, अवधू पांडेय, पूजा पाल और रिचा गुप्ता वर्मा अपनी प्रस्तुतियां देंगी।

वहीं प्रियांका तिवारी, ओम तिवारी, अभिमन्यु मौर्य, राहुल पांडेय, नितिन तिवारी और गणेश मिश्रा सहित कई अन्य कलाकार भी सांस्कृतिक संध्या में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों के अनुसार कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से काशी की पारंपरिक संगीत विरासत और आध्यात्मिक वातावरण को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।

शहनाई वादन से होगा कार्यक्रम का शुभारंभ

सांस्कृतिक संध्या का एक प्रमुख आकर्षण श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रमुख शहनाई वादक महेंद्र प्रसन्ना का शहनाई वादन होगा। उनके शहनाई वादन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। काशी में शहनाई और मंदिर संगीत की समृद्ध परंपरा को देखते हुए इसे कार्यक्रम का विशेष आकर्षण माना जा रहा है।

आयोजकों ने बताया कि देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कलाकार बाबा मशान नाथ के दरबार और हरिश्चंद्र घाट पर अपनी कला के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए बाबा कीनाराम की साधना, अघोर परंपरा और काशी की सांस्कृतिक विरासत को सामने रखा जाएगा।

आस्था और संस्कृति का संगम बनेगा आयोजन

अघोरपीठ की ओर से कहा गया कि बाबा कीनाराम जी की 427वीं जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम आस्था, अघोर साधना और काशी की सांस्कृतिक परंपरा का संगम होंगे। दो दिनों तक चलने वाले आयोजन में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संगीत प्रेमी इस आयोजन में शामिल होकर बाबा कीनाराम जी को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।

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