वाराणसी में चाइनीज मांझा के विरोध में जागरूकता अभियान, बच्चों को बांटे गए देशी मांझा और पतंग
वाराणसी। चाइनीज मांझा से हो रही लगातार दुर्घटनाओं और जानलेवा घटनाओं के खिलाफ वाराणसी में एक बार फिर जागरूकता की मुहिम तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश भाईचारा कमेटी द्वारा चाइनीज मांझा के विरोध में जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत लोगों से इसके पूर्ण बहिष्कार की अपील की जा रही है।
कमेटी का कहना है कि किसी दुर्घटना के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन फौरी तौर पर सक्रिय हो जाता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर से चाइनीज मांझा का अवैध कारोबार शुरू हो जाता है। ऐसे में स्थायी रोक तभी संभव है जब समाज, प्रशासन और अभिभावक तीनों मिलकर जिम्मेदारी निभाएं।
कमेटी ने इस मुद्दे पर अभिभावकों की भूमिका को भी अहम बताया। कहा गया कि यदि माता-पिता इस बात पर निगरानी रखें कि उनके बच्चे किस प्रकार के मांझे का इस्तेमाल कर रहे हैं और चाइनीज मांझा कहां से लाया जा रहा है, इसकी जानकारी पुलिस को दें, तो इस खतरनाक मांझे पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सकती है।
प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद वर्मा के नेतृत्व में गिरजा घर चौराहे के आसपास जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस दौरान लोगों को चाइनीज मांझा से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया और इसके बहिष्कार की अपील की गई।
अभियान के तहत बच्चों को देशी मांझा और पतंग वितरित की गई। साथ ही बच्चों को यह संकल्प भी दिलाया गया कि वे चाइनीज मांझा का प्रयोग नहीं करेंगे और केवल पारंपरिक भारतीय मांझे से ही पतंग उड़ाएंगे।
भाईचारा कमेटी का कहना है कि परंपरागत भारतीय मांझा सुरक्षित है और हमारी संस्कृति का भी हिस्सा है, जबकि चाइनीज मांझा लोगों की जान के लिए खतरा बन चुका है। जागरूकता ही इस समस्या का स्थायी समाधान है।
