रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी। वाराणसी में एंटी करप्शन टीम ने विद्यापीठ चौकी इंचार्ज दिवाकर मिश्रा एवं सिपाही गौरव कुमार को ₹20000 घूस लेते हुए गिरफ्तार किया है. एंटी करप्शन की कार्रवाई से चौकी में हड़कंप मच गया। सिपाही द्वारा जेब से पैसे निकालकर फेंकने का एंटी करप्शन ने वीडियो जारी किया है. वही चौकी इंचार्ज शिवाकर मिश्रा की पत्नी ने वीडियो जारी कर फंसाने का आरोप लगाया है.
वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र में बुधवार शाम चौकी इंचार्ज शिवाकर मिश्रा और उनके कारखास सिपाही गौरव कुमार को एंटी करप्शन टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. एंटी करप्शन टीम दोनों लोगों को पकड़ लालपुर थाने ले जाकर आगे की कार्रवाई शुरू की. शिकायतकर्ता प्रह्लाद गुप्ता ने बताया कि उसकी पत्नी ममता गुप्ता से प्रताड़ित हूं. पत्नी का भाई कैंट स्टेशन पर टीटीई,पिता अनपरा विद्युत विभाग में जेई है. मेरी पत्नी ने मेरे और मेरे भाइयों पर पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं.
प्रह्लाद गुप्ता ने बताया कि मेरे यहां दो महीना रही है, उसके बाद सब रकम लेकर चली गई है. शादी तोड़ने का पचास लाख रुपया मांग रही है. उनके द्वारा लिखाए मुकदमा के करना जेल में था. उस समय उन्होंने सिगरा थाना में मेरे एवं मेरे भाइयों पर मारपीट एवं रेप जैसे मुकदमें लिखवाए गए।
एक साल एक हफ्ता जेल से बाहर निकलने पर मेरी हालत खराब हो गई है. मेरे दुकान बंद हो गया है. इसकी सूचना मैने सारी अधिकारियों को दी मेरे कोई सुन नहीं रहा है. दरोगा की भूमिका पर बताते हुए पलट ने बताया कि उन्होंने कहा कि ₹100000 देने पर FIR पर FR लगा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि नहीं देने पर 376 का बयान दर्ज कर जेल भेज दूंगा. जब पैसा नहीं होने की बात कही तो उन्होंने जेल भेजने की धमकी दी है. प्रह्लाद ने आगे बताया कि ₹50000 पर बात बनी तो बहन से पैसा लेकर एंटी करप्शन टीम को फोन किया हूं. उन्होंने कहा आगे कहा कि इसके लिए मैं मजबूर था. मेरे पास पैसे नहीं थे आज ₹20000 दिया हूं. प्रह्लाद ने आगे बताया कि मैं इतना प्रताड़ित हूं कि आने वाले समय में मैं धरती पर ना रहूं।

एंटी करप्शन की गिरफ्तारी के बाद शिवाकर मिश्रा की पत्नी ने लखनऊ से एक वीडियो जारी कर अपने पति को निर्दोष बताया है. उन्होंने बताया कि पिछले दिनों छुट्टी पर वो वाराणसी पहुंची थी. पति शिवाकर मिश्रा पर एंटी करप्शन के सदस्य द्वारा एक मामले को लेकर दबाव बनाया जा रहा था. कुछ ले देकर रफा दफा कर दीजिए. जिसको मेरे पति द्वारा मना कर दिया गया. मेरे दवाब बनाए जाने पर मेरे पति शिवाकर मिश्रा ने जानकारी दी थी. एंटी करप्शन के एक सदस्य द्वारा दबाव बना रहा है, धमकी दी गई कि आपको इसी जिले में कार्य करना है, मुझे भी.
शिवाकर मिश्रा की पत्नी ने बताया कि घटना के चार-पांच दिन बाद ही नहीं बीते की एक फर्जी केस बना कर प्री प्लांट करके फंसाया जा रहा है. जबकि वीडियो में साफ दिख रहे है कि एक व्यक्ति कूलर के पास से पैसा उठा रहा है. एंटी करप्शन टीम ने जबरदस्ती बैठाया गया है. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं वाराणसी पुलिस कमिश्नर से निष्पक्षता से जांच कर सजा देने की बात कही है वहीं उन्होंने अपने पति को निर्दोष बताया है।
