BHU के विश्वनाथ मंदिर से सिंहद्वार तक गूंजे नारे, सुरक्षा कर्मियों से नोकझोंक के बाद कुलपति आवास पहुंचे छात्र
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर सोमवार को छात्र-छात्राओं के भारी प्रदर्शन का गवाह बना। मानसून सत्र के समर्थन, शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हजारों विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर में विशाल रैली निकाली। पूरे प्रदर्शन के दौरान छात्रों के नारों से बीएचयू परिसर गूंजता रहा। बड़ी संख्या में छात्राओं ने भी रैली में भाग लिया। कुछ समय के लिए विश्वविद्यालय के प्रमुख मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित रहा।

विश्वनाथ मंदिर परिसर से शुरू हुई रैली सोशल साइंस फैकल्टी, छात्र कल्याण भवन, कुलपति आवास, महिला महाविद्यालय होते हुए सिंहद्वार तक पहुंची। रास्ते भर छात्र हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर नारे लगाते रहे। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा व्यवस्था, छात्र हितों और विभिन्न छात्र समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ भी आवाज बुलंद की गई। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए लगातार नारे लगाए।
प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में भी नारे लगाए। छात्रों का कहना था कि शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ जनहित के विषयों पर भी सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। पूरे प्रदर्शन के दौरान छात्र एकजुट नजर आए और अपनी मांगों को लेकर लगातार नारेबाजी करते रहे।

रैली जब छात्र कल्याण भवन के सामने पहुंची तो विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों ने छात्रों को कुलपति आवास की ओर बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ देर तक छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी। हालांकि छात्र पीछे नहीं हटे और आगे बढ़ते हुए कुलपति आवास के समीप पहुंच गए। वहां भी उन्होंने जोरदार नारेबाजी कर अपनी मांगों को दोहराया।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार को छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों के अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। छात्रों का कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

रैली को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रहा। हालांकि कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।
हजारों छात्रों की मौजूदगी के कारण विश्वविद्यालय परिसर के कई प्रमुख मार्गों पर कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा। रैली समाप्त होने के बाद छात्र-छात्राएं अपने-अपने छात्रावासों और विभागों की ओर लौट गए। पूरे घटनाक्रम के दौरान बीएचयू परिसर में छात्रों की भारी मौजूदगी और गूंजते नारों ने आंदोलन को चर्चा का विषय बना दिया।
