वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुंदरलाल अस्पताल को इसी सप्ताह नया स्थायी चिकित्सा अधीक्षक (मेडिकल सुपरिंटेंडेंट-एमएस) मिलने की संभावना है। अस्पताल के इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद पर नियुक्ति के लिए बुधवार को विश्वविद्यालय के होलकर भवन में साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन इसी सप्ताह नए चिकित्सा अधीक्षक के नाम की औपचारिक घोषणा कर सकता है। अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से इस नियुक्ति को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, चिकित्सा अधीक्षक पद के लिए कुल 14 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया गया है। इनमें 13 प्रोफेसर बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) से हैं, जबकि एक उम्मीदवार अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली से पीडियाट्रिक सर्जरी विशेषज्ञ हैं। बाहरी संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक के शामिल होने से इस चयन प्रक्रिया को लेकर चिकित्सा जगत और विश्वविद्यालय परिसर में विशेष उत्सुकता बनी हुई है।

फिलहाल सर सुंदरलाल अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक का दायित्व मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक प्रो. के.के. गुप्ता संभाल रहे हैं। विश्वविद्यालय अब नियमित प्रक्रिया के तहत इस पद पर स्थायी नियुक्ति करने जा रहा है। चयनित उम्मीदवार का कार्यकाल पांच वर्षों का होगा। माना जा रहा है कि नया चिकित्सा अधीक्षक अस्पताल के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पद के लिए कुछ समय पहले विज्ञापन जारी किया गया था। विज्ञापन के बाद 20 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। सभी आवेदनों की पात्रता, अनुभव और निर्धारित मानकों के आधार पर जांच की गई। इसके बाद 14 उम्मीदवारों को अंतिम रूप से साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी औपचारिकताओं का पालन किया जा रहा है।

चयन प्रक्रिया को और अधिक रोचक इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि साक्षात्कार में शामिल उम्मीदवारों में विश्वविद्यालय के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) और पूर्व डिप्टी एमएस भी शामिल हैं। प्रशासनिक अनुभव रखने वाले इन वरिष्ठ चिकित्सकों की मौजूदगी से मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है।

साक्षात्कार के लिए चयनित उम्मीदवार बीएचयू के विभिन्न प्रमुख विभागों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इनमें न्यूरोलॉजी, जनरल मेडिसिन और जनरल सर्जरी विभाग से दो-दो प्रोफेसर शामिल हैं। इसके अलावा आर्थोपेडिक्स, प्रसूति एवं स्त्री रोग, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, जेरियाट्रिक मेडिसिन, नेफ्रोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री विभाग के एक-एक वरिष्ठ प्रोफेसर भी इस दौड़ में हैं। विभिन्न विशेषज्ञताओं से जुड़े चिकित्सकों की मौजूदगी चयन प्रक्रिया को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना रही है।

सर सुंदरलाल अस्पताल पूर्वांचल के सबसे बड़े सरकारी शिक्षण अस्पतालों में गिना जाता है। यहां प्रतिदिन उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और आसपास के कई राज्यों से हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक का पद केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, मरीजों की सुविधाओं और चिकित्सा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की अहम जिम्मेदारी भी इसी पद से जुड़ी होती है।

अस्पताल में बढ़ते मरीजों का दबाव, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, चिकित्सा उपकरणों का बेहतर उपयोग और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य नए चिकित्सा अधीक्षक के सामने प्रमुख चुनौती होंगे। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसे अनुभवी और सक्षम चिकित्सक के चयन की कोशिश कर रहा है जो प्रशासनिक नेतृत्व के साथ अस्पताल की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत बना सके।

अब विश्वविद्यालय परिसर, चिकित्सा विज्ञान संस्थान और अस्पताल से जुड़े चिकित्सकों की निगाहें बुधवार को होने वाले साक्षात्कार पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि चयन समिति की सिफारिश के बाद इसी सप्ताह नए स्थायी चिकित्सा अधीक्षक के नाम की घोषणा कर दी जाएगी, जिसके बाद सर सुंदरलाल अस्पताल को अगले पांच वर्षों के लिए नया प्रशासनिक नेतृत्व मिल जाएगा।

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