रिपोर्ट – पवन आजाद

वाराणसी। धार्मिक नगरी काशी में गंगा की लहरों पर एक बार फिर आस्था और मर्यादा को तार-तार करने वाला मामला सामने आया है। हाल ही में हुए इफ्तार पार्टी विवाद के बाद, अब गंगा के बीचों-बीच नाव पर शराब पार्टी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रशासन द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बावजूद, सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय की बताई जा रही है कुछ युवक शराब पी रहे, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। जिसकी पुष्टि फोर्थ पिलर नहीं करता है।

गंगा के बीच चलती नाव पर तेज आवाज में डीजे बज रहा है।

कुछ युवक संगीत की धुन पर नाचते हुए शराब का सेवन कर रहे हैं।

धार्मिक यात्रा के नाम पर सरेआम जश्न मनाया जा रहा है, जो आस्था के केंद्रों की शुचिता पर सवाल खड़े करता है।

प्रशासनिक प्रतिबंधों की अनदेखी

उल्लेखनीय है कि वाराणसी प्रशासन ने गंगा नदी में किसी भी प्रकार की पार्टी, पिकनिक या डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। हाल ही में गंगा में इफ्तार पार्टी करने के जुर्म में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस नई घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और पेट्रोलिंग पर फिर से सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय लोगों का आक्रोश: “काशी की पहचान उसकी संस्कृति और गंगा की पवित्रता से है। इस प्रकार की अमर्यादित गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंचाती हैं।”जांच और कार्रवाई का आश्वासन

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। अधिकारियों का कहना है कि:

वीडियो की सत्यता और स्थान की पुष्टि की जा रही है।

वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों की पहचान के लिए सर्विलांस और स्थानीय इनपुट की मदद ली जा रही है।

दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

प्रशासन की अपील: पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गंगा की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

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