रिपोर्ट – गोपी गुप्ता
वाराणसी। हनुमान जयंती के अवसर पर वाराणसी में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से भव्य ध्वज यात्राएं और शोभायात्राएं निकाली गईं, जो अलग-अलग मार्गों से होते हुए संकटमोचन मंदिर पहुंचीं। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ पवन पुत्र हनुमान के दर्शन-पूजन किए।
सुबह से ही शहर में धार्मिक माहौल बना रहा। हाथों में केसरिया ध्वज लिए भक्त “जय श्री राम” और “हनुमान जी की जय” के जयघोष के साथ आगे बढ़ते रहे। शोभायात्राओं में शामिल झांकियां, भजन-कीर्तन और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
संकटमोचन मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कई थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर एसीपी स्तर के अधिकारी भी निगरानी में लगे रहे, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए DIG शिवहरी मीणा स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने संकटमोचन क्षेत्र के आसपास की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और कमिश्नरेट पुलिस के साथ मिलकर शोभायात्राओं के सुचारू आवागमन के लिए रास्तों को खाली कराया।
हनुमान जयंती के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात का दबाव बढ़ गया था, जिससे जाम की स्थिति बन रही थी। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न मार्गों पर जाम को खुलवाया और यातायात को व्यवस्थित किया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
श्रद्धालुओं ने संकटमोचन दरबार पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा और हनुमान जयंती का पर्व श्रद्धा, उल्लास और सुरक्षा के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
