रिपोर्ट – पवन मिश्रा

 

 

 

 

 

 

गाजीपुर: Union Public Service Commission (UPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2025 (घोषित 2026) के परिणाम में 301वीं रैंक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक ही रोल नंबर 0856794 पर बिहार और उत्तर प्रदेश की दो अभ्यर्थियों द्वारा दावा किए जाने से मामला चर्चा का विषय बन गया है।

गाजीपुर जिले के जमानियां क्षेत्र के अभईपुर गांव की रहने वाली डॉ. आकांक्षा सिंह ने भी 301वीं रैंक हासिल करने का दावा किया है। उनका कहना है कि उनके एडमिट कार्ड पर मौजूद बारकोड को स्कैन करने पर वही रोल नंबर सामने आता है, जिससे उन्हें पूरा भरोसा है कि यह रैंक उन्हीं की है।

डॉ. आकांक्षा सिंह ने बताया कि वह गाइनी (स्त्री रोग) विशेषज्ञ डॉक्टर हैं और यह उनका दूसरा प्रयास था। उन्होंने कहा कि पहले प्रयास में भी उन्होंने मेंस परीक्षा क्वालीफाई की थी, लेकिन कुछ अंकों से अंतिम चयन से चूक गई थीं। इस बार कड़ी मेहनत का परिणाम उन्हें सफलता के रूप में मिला। आकांक्षा सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और परिवार को देते हुए कहा, यह मेरा दूसरा अटेम्प्ट था। पहले प्रयास में भी मैंने मेंस क्वालीफाई किया था, लेकिन थोड़े नंबर से रुक गई थी। इस सफलता का श्रेय मैं अपने माता-पिता और परिवार को देती हूं।

बताया जा रहा है कि आकांक्षा सिंह के परिवार में हाल ही में उनके दादा का निधन हुआ था, जिससे घर में शोक का माहौल था। इसी बीच आईएएस बनने की खबर से परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई और लोग उन्हें बधाई देने लगे। वहीं दूसरी ओर बिहार की एक अन्य अभ्यर्थी ने भी इसी रोल नंबर पर 301वीं रैंक का दावा किया है, जिससे पहचान को लेकर संशय की स्थिति पैदा हो गई है। फिलहाल इस मामले में UPSC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। डॉ. आकांक्षा सिंह ने बताया कि वह इस पूरे मामले को लेकर UPSC को ई-मेल के माध्यम से जानकारी देंगी, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।

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