रिपोर्ट : पवन मिश्रा
गाजीपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हम आपको एक ऐसी जांबाज महिला पुलिस अधिकारी की कहानी बता रहे हैं, जिन्होंने मेहनत, लगन और साहस के दम पर सफलता की नई मिसाल कायम की है। जनपद गाजीपुर के सैदपुर कोतवाली में महिला रिपोर्टिंग चौकी प्रभारी के पद पर तैनात उपनिरीक्षक श्वेता द्विवेदी अपनी कर्तव्यनिष्ठा और कार्यशैली के कारण क्षेत्र में अलग पहचान बना चुकी हैं।
श्वेता द्विवेदी की शुरुआती शिक्षा गोरखपुर के नेहरू इंटर कॉलेज से हुई। उन्होंने वर्ष 2009 में हाईस्कूल और 2011 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय से वर्ष 2014 में बीएससी (गणित) में स्नातक की परीक्षा टॉप कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। तीन बहनों में सबसे छोटी श्वेता ने पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी जारी रखी।
कड़ी मेहनत और लगन के चलते उन्होंने पहले ही प्रयास में सीजीएल और सीपीओ एसआई परीक्षा में सफलता हासिल की। इसके बाद वर्ष 2018 में उनका चयन सीआईएसएफ में सब इंस्पेक्टर के पद पर हुआ, जहां उनकी पहली तैनाती जयपुर एयरपोर्ट पर हुई।
हालांकि श्वेता यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने अपने लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए तैयारी जारी रखी और वर्ष 2019 में पहले ही प्रयास में उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (UPSI) की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली।
उत्तर प्रदेश पुलिस में चयन के बाद उनकी पहली पोस्टिंग गाजीपुर के सदर कोतवाली में हुई, जहां उन्हें महाराजगंज चौकी का प्रभारी बनाया गया। वहां उत्कृष्ट सेवा देने के बाद उनका स्थानांतरण सैदपुर कोतवाली में महिला रिपोर्टिंग चौकी प्रभारी के रूप में हुआ। यहां वह पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ महिलाओं से जुड़े मामलों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए नवंबर 2025 में सैदपुर क्षेत्र में हुई एक मुठभेड़ के दौरान उन्होंने 25 हजार रुपये के इनामिया और वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई, जिससे उनकी बहादुरी और पुलिसिंग क्षमता की काफी सराहना हुई।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उपनिरीक्षक श्वेता द्विवेदी जैसी जांबाज महिला अधिकारी यह संदेश देती हैं कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो बेटियां भी हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं और समाज के लिए प्रेरणा बन सकती हैं।
