Varanasi: धर्म एवं आध्यात्मिक नगरी काशी में हंस वाहिनी, बीड़ा दायिनी मां सरस्वती का पूजोत्सव बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। शहर के हर क्षेत्र में पूजा पंडाल सजाए गए हैं, जहां विधि-विधान से मां सरस्वती की आराधना की जा रही है। इस दौरान कई पूजा पंडालों के माध्यम से सामाजिक संदेश भी दिए जा रहे हैं।

इसी क्रम में एक सरस्वती पूजा पंडाल में मां सरस्वती को चिंतित मुद्रा में दर्शाया गया है। इसके पीछे संदेश यह है कि आज के बच्चे किताबों की तुलना में मोबाइल का अधिक उपयोग कर रहे हैं, जिससे ज्ञान और संस्कार प्रभावित हो रहे हैं।
सरस्वती पूजा का 11 सालों से आयोजन
वाराणसी के भेलूपुर क्षेत्र अंतर्गत आशुतोष नगर कॉलोनी में शिव शक्ति स्पोर्टिंग क्लब द्वारा पिछले 11 वर्षों से मां सरस्वती का भव्य पूजोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में आशुतोष नगर, बृजइनक्लेव एवं सरायनंदन के हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। पूजा के दौरान 11 डमरू दल की गूंजती भव्य ध्वनि से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।

पेन कापी एवं फल चढ़ा ज्ञान की प्राप्ति का आशीर्वाद मांगते
आचार्य प्रफुल्ल शुक्ला ने बताया कि मां सरस्वती की पूजा से पूर्व भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद वरुण देव की आराधना, हनुमान जी का ध्वज-पताका लहराया गया। नौ ग्रह पूजा के उपरांत मां सरस्वती के पट खोले गए। उन्होंने बताया कि सरस्वती पूजा विद्यार्थियों के लिए विशेष महत्व रखती है। इस अवसर पर मां भगवती को पेन, कॉपी एवं फल अर्पित कर ज्ञान प्राप्ति की कामना की जाती है।
25 जनवरी को भंडारा
वहीं स्थानीय निवासी तमन्ना ने बताया कि आशुतोष नगर में सरस्वती पूजा हर वर्ष भव्य रूप से मनाई जाती है। शिव शक्ति स्पोर्टिंग क्लब के माध्यम से क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि 25 तारीख को भव्य भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।
