रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी। अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के द्वितीय वार्षिकोत्सव के अवसर पर आज धर्म नगरी काशी पूरी तरह राममय नजर आई। करोड़ों सनातनियों के लिए ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व के इस दिन को बाबा विश्वनाथ की नगरी में एक उत्सव के रूप में मनाया गया।
माता शीतला प्रांगण में दिव्य श्रृंगार और आरती
दशाश्वमेध घाट स्थित सिद्धपीठ माता शीतला के प्रांगण में प्रतिष्ठित भगवान श्रीराम का भव्य श्रृंगार किया गया। इस दौरान विधि-विधान से पूजन के पश्चात प्रभु की आरती उतारी गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संयोजन नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला द्वारा किया गया।
राष्ट्रध्वज के साथ आत्मनिर्भर भारत की प्रार्थना
आस्था और संस्कारों के इस संगम पर गंगा तट पर मौजूद लोगों ने हाथों में राष्ट्रध्वज लेकर प्रभु श्री राम से एक समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर नमामि गंगे के सदस्यों ने भगवान राम से प्रार्थना की कि प्रत्येक नागरिक के हृदय में सेवा, समर्पण और करुणा की भावना और अधिक प्रगाढ़ हो।
गंगा की निर्मलता का लिया संकल्प
सांस्कृतिक पुनर्जागरण के इस पर्व पर मां गंगा और उनकी सहायक नदियों की निर्मलता बनाए रखने की गुहार भी लगाई गई। राजेश शुक्ला ने संबोधित करते हुए कहा:
“यह उत्सव केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का प्रतीक है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श—कर्तव्य, त्याग और सेवा—हमें एक बेहतर समाज बनाने की प्रेरणा देते हैं।”
प्रमुख उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में मुख्य रूप से राजेश शुक्ला के साथ राजकुमारी जायसवाल, अर्चना वर्मा, मीना यादव, श्रद्धा वर्मा, रेखा वर्मा, लीलावती निगम, अमन वर्मा, सीता शुक्ला, शकुंतला तिवारी, आर्यन वर्मा सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालु और गंगा सेवक उपस्थित रहे।
