वाराणसी। सोनारपुरा स्थित प्राचीन चिंतामणि गणेश–हनुमान मंदिर में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला।
भोर से ही मंगला आरती के बाद भगवान गणेश के दर्शन–पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रथम पूज्य भगवान गणेश का विधि-विधान से भव्य श्रृंगार किया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आरती उतारी गई, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में विशेष व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा लोक कतर (दर्शन मार्ग) की व्यवस्था की गई, ताकि श्रद्धालु सुचारु रूप से भगवान गणेश का दर्शन कर सकें। सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा, जो “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों के साथ भगवान गणेश के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते नजर आए।
मंदिर के महंत चलना सुब्बाराव शास्त्री ने बताया कि गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार किया गया है। बाबा को मोदक के लड्डुओं का विशेष भोग अर्पित किया गया, जो भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय माना जाता है। उन्होंने बताया कि देर रात से ही श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचने लगे थे और पूरे दिन लाखों की संख्या में भक्त भगवान गणेश का दर्शन–पूजन करते हैं। यह सिलसिला देर रात तक लगातार चलता रहता है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन द्वारा कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे, वहीं यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। पुलिस प्रशासन की सतर्कता के चलते श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
गणेश चतुर्थी के इस पावन पर्व पर चिंतामणि गणेश मंदिर में भक्ति, आस्था और उत्साह का संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन भगवान गणेश के दर्शन मात्र से सभी विघ्न दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि आती है।
