कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर में सैकड़ों किसानों ने लिया हिस्सा, विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक खेती, वैल्यू एडिशन और बाजार की संभावनाओं की दी जानकारी

वाराणसी। मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से मंगलवार को मिर्जामुराद स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, कल्लीपुर में मखाना विकास योजना के अंतर्गत 2 दिवसीय जिला स्तरीय संगोष्ठी का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को मखाना की वैज्ञानिक खेती, उत्पादन, वैल्यू एडिशन और बाजार की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम का शुभारंभ उद्यान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष नवीन कुमार सिंह तथा डॉ. डीआर भारद्वाज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने बताया कि भारत मखाना उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल है और बिहार को मखाना उत्पादन का प्रमुख केंद्र माना जाता है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में भी मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश के वाराणसी, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, जौनपुर समेत कुल 18 जिलों में मखाना उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

किसानों को दी गई वैज्ञानिक खेती की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान मखाना विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण साहित्य का विमोचन भी किया गया। डॉ. डीआर भारद्वाज ने किसानों को मखाना की वैज्ञानिक खेती की विधि, बुआई का उचित समय, उत्पादन अवधि और फसल से जुड़ी आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने किसानों के सवालों का जवाब देते हुए मखाना उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाने के तरीकों पर भी चर्चा की। किसानों को बताया गया कि वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार किया जा सकता है।

वहीं, पूर्व वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक वाराणसी ज्योति कुमार सिंह ने किसानों के साथ मखाना उत्पादन से संबंधित प्रश्नोत्तरी की। उन्होंने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए खेती से जुड़ी विभिन्न जानकारी साझा की।

वैल्यू एडिशन से बढ़ सकती है किसानों की आय

उद्यान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने मखाना की वैल्यू एडिशन और बाजार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मखाना किसानों की आय बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण फसल बन सकती है। किसानों को मखाना की खेती के साथ इसके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम करना चाहिए।

उन्होंने किसानों से मखाना उत्पादन को अपनाने और इसके उत्पादों को देश के साथ-साथ विदेशों के बाजार तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

योजनाओं और सुविधाओं की भी दी गई जानकारी

संगोष्ठी में किसानों को उत्तर प्रदेश में संचालित मखाना विकास योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं और योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करना और कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में उन्हें बेहतर आमदनी के अवसर उपलब्ध कराना सरकार का प्रमुख उद्देश्य है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए यह दो दिवसीय जिला स्तरीय संगोष्ठी आयोजित की गई है।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक वाराणसी सुधांशु कुमार सिंह ने किया। संगोष्ठी में शामिल किसानों ने मखाना की खेती को अपनाने और वाराणसी में इसके उत्पादन को बढ़ावा देने की बात कही। किसानों का कहना है कि मखाना उत्पादन से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और भविष्य में इसके उत्पादों को विदेशों तक पहुंचाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

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