काशी हिंदू विश्वविद्यालय के समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई विश्वकर्मा पूजा, सैकड़ों महिलाओं ने लिया हिस्सा
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र में विश्वकर्मा पूजा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर केंद्र में प्रशिक्षण ले रहीं सैकड़ों महिलाओं ने सिलाई मशीनों और अन्य उपकरणों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और भगवान विश्वकर्मा के जयकारों से पूरा केंद्र भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा।
विश्वकर्मा पूजा को लेकर केंद्र को फूल-मालाओं से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। सुबह से ही सिलाई प्रशिक्षण लेने वाली महिलाएं केंद्र पहुंचने लगी थीं। महिलाओं ने सबसे पहले परिसर की साफ-सफाई की। इसके बाद पूजा की तैयारियां शुरू की गईं।

सिलाई मशीनों पर लगाया रोली-अक्षत
पूजा कार्यक्रम के दौरान केंद्र में रखी सिलाई मशीनों सहित अन्य उपकरणों को व्यवस्थित किया गया। महिलाओं ने मशीनों पर रोली और अक्षत लगाकर रक्षा सूत्र बांधा। इसके बाद भगवान विश्वकर्मा का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न होने के बाद भगवान विश्वकर्मा की आरती उतारी गई।
आरती के दौरान महिलाओं ने श्रद्धा के साथ भगवान विश्वकर्मा के जयकारे लगाए। इससे पूरे केंद्र में धार्मिक और उत्सव का माहौल बन गया। पूजा में शामिल महिलाओं ने भगवान विश्वकर्मा से परिवार की सुख-समृद्धि, कार्य में सफलता और रोजगार के नए अवसरों की कामना की।

आत्मनिर्भरता का माध्यम है सिलाई मशीन
विश्वकर्मा पूजा में शामिल महिलाओं ने कहा कि उनके लिए सिलाई मशीन केवल प्रशिक्षण लेने का उपकरण नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का माध्यम भी है। केंद्र पर मिलने वाले प्रशिक्षण के जरिए महिलाएं सिलाई का हुनर सीख रही हैं और इसे रोजगार से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
महिलाओं ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा के माध्यम से वे उन मशीनों और उपकरणों के प्रति सम्मान प्रकट करती हैं, जिनका उपयोग वे अपने प्रशिक्षण और काम के दौरान करती हैं। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा से अपने कार्यक्षेत्र में उन्नति और भविष्य में बेहतर रोजगार के अवसर मिलने की प्रार्थना की।
सैकड़ों महिलाओं ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। सुबह से ही केंद्र पर महिलाओं की आवाजाही बनी रही। पूजा-अर्चना के बाद उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। महिलाओं ने एक-दूसरे को विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं दीं और उत्साह के साथ कार्यक्रम में भागीदारी की।

इस अवसर पर प्रोफेसर आलोक कुमार पांडे, भूपेंद्र प्रताप सिंह, आरती विश्वकर्मा समेत बड़ी संख्या में महिलाएं और केंद्र से जुड़े लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा।
विश्वकर्मा पूजा के माध्यम से महिलाओं ने सामूहिक रूप से अपने प्रशिक्षण और कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा की। साथ ही केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की कामना की।
