मारुति नगर में जलभराव से लोग बेहाल, जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

वाराणसी। मानसून की बारिश के बीच वाराणसी में जलभराव की समस्या एक बार फिर लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। सीर गोवर्धनपुर के वार्ड नंबर 23 स्थित मारुति नगर में नाले का पानी सड़क पर भरने से हालात बेहद खराब हो गए हैं। सड़क पर कई जगह पानी इतना अधिक जमा हो गया है कि आवागमन मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि लोगों को सड़क पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। जलभराव के कारण पूरा इलाका सैलाब जैसा नजर आ रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र में बारिश के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बारिश होते ही नालियों और नाले का पानी सड़क पर जमा होने लगता है। पानी की निकासी नहीं होने के कारण कुछ ही समय में सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है। लगातार बारिश होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है।

सड़क और नाले का अंतर हुआ खत्म

मारुति नगर में जलभराव का आलम यह है कि सड़क और नाले का अंतर तक स्पष्ट नजर नहीं आ रहा। पानी सड़क पर इस कदर फैला हुआ है कि लोगों को रास्ते का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहनों से निकलना भी जोखिम भरा हो गया है।

कई लोगों को जरूरी काम के लिए घर से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की मुश्किलें सबसे अधिक बढ़ गई हैं। पानी में गंदगी और कीचड़ जमा होने से फिसलने का खतरा भी बना हुआ है। वहीं, लंबे समय तक पानी जमा रहने से दुर्गंध की समस्या भी स्थानीय लोगों को परेशान कर रही है।

घरों के आसपास पहुंच रहा पानी

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जलभराव अब केवल सड़क तक सीमित नहीं है। कई स्थानों पर पानी घरों के आसपास तक पहुंच गया है। लोगों को अपने वाहनों और घरेलू सामान को सुरक्षित रखने की चिंता सता रही है। बारिश के दौरान यदि पानी का स्तर और बढ़ता है तो घरों में पानी घुसने का खतरा भी बना रहता है।

नाले का पानी सड़क पर

स्थानीय लोगों ने बताया कि हर साल बारिश के मौसम में ऐसी स्थिति पैदा होती है। जलभराव के बाद लोगों को घंटों पानी के बीच से गुजरना पड़ता है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

नाले की सफाई और जलनिकासी पर सवाल

जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों ने नाले की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। नागरिकों का आरोप है कि क्षेत्र में नाले की सफाई और पानी की निकासी को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

लोगों का कहना है कि यदि नाले की नियमित सफाई होती और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रहती तो बारिश के दौरान सड़क पर इस तरह पानी जमा नहीं होता। नाले की क्षमता और उसके पानी के बहाव की भी जांच की जरूरत है, ताकि बारिश के दौरान पानी सड़क पर फैलने के बजाय अपने निर्धारित रास्ते से निकल सके।

स्मार्ट सिटी पर भी उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने कहा कि वाराणसी को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम किए जाने की बात कही जाती है, लेकिन शहर के कई इलाकों में बारिश के दौरान बुनियादी जलनिकासी व्यवस्था ही लोगों के लिए बड़ी समस्या बन जाती है।

मारुति नगर में सड़क पर नाव चलाने की स्थिति ने जलनिकासी व्यवस्था की गंभीरता को सामने ला दिया है। लोगों का कहना है कि बारिश के बाद केवल पानी निकालने की अस्थायी व्यवस्था करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए नाले की सफाई, जलनिकासी की क्षमता बढ़ाने और पानी के स्थायी निकास की व्यवस्था करनी होगी।

स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां स्थायी जलनिकासी व्यवस्था विकसित की जाए। साथ ही नाले की सफाई कर उसकी क्षमता और पानी के बहाव की जांच कराई जाए।

नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। लोगों की मांग है कि हर बारिश में पैदा होने वाली इस समस्या से उन्हें स्थायी रूप से निजात दिलाई जाए, ताकि सड़क पर नाव चलाने जैसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *