रिपोर्ट – पवन आजाद 

वाराणसी। काशी सहित उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में शनिवार, 17 जनवरी 2026 को मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। ठंडी हवाएं और घना कोहरा सुबह-शाम का आम दृश्य बन गया है, जिससे जनजीवन पर मौसम का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने घने से बहुत घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है और खासकर सुबह-शाम के समय दृश्यता में काफी कमी दर्ज की जा रही है।

आज सुबह वाराणसी में रिकॉर्ड किया गया न्यूनतम तापमान करीब 9.2 डिग्री सेल्सियस है, जो मौसम के सामान्य औसत से नीचे है। वहीं दिन में अधिकतम तापमान लगभग 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, लेकिन तेज ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण आम लोगों को कड़ाके की ठंड का अनुभव हो रहा है।

घना कोहरा और दृश्यता में कमी
आसपास के इलाकों की तरह वाराणसी में भी सुबह-शाम घना कोहरा छाया रहा है, जिससे दृश्यता कई स्थानों पर कुछ सौ मीटर तक सीमित हो गई है। IMD के आंकड़ों के अनुसार आसपास के कई इलाकों में दृश्यता लगभग 200–400 मीटर तक रह गई, जिससे सड़क सुरक्षा पर सीधा असर देखा जा रहा है।

इस कोहरे की वजह से सड़कों पर वाहन चालक हेडलाइट जलाकर धीमी गति से गाड़ी चलाने को मजबूर हैं ताकि किसी दुर्घटना से बचा जा सके। कई जगहों पर ट्रैफिक पुलिस ने भी कोहरे के कारण विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। आम लोगों का कहना है कि सुबह-शाम घर से निकलना मुश्किल हो गया है और तापमान कम होने की वजह से ठंड और बढ़ गई है।

पश्चिमी विक्षोभ और मौसम वैज्ञानिकों का बयान
काशी हिंदू विश्वविद्यालय भूगोल की विभाग के प्रसिद्ध मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव ने इस बदलाव का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) बताया है। यह मौसम प्रणाली अब उत्तर भारत में सक्रिय है, जिससे न सिर्फ कोहरा और ठंडी हवाएं बनी हुई हैं, बल्कि तापमान में उतार-चढ़ाव भी जारी है।

काशी के मौसम विशेषज्ञों प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि ठंड अभी समाप्त नहीं हुई है और अगले 2-3 दिनों तक कोहरे और ठंड के प्रभाव में रहने की संभावना है। दिन के समय धूप मिल सकती है, लेकिन सुबह-शाम फिर से ठंड बढ़ने की चेतावनी है। विशेषज्ञों ने लोगों से गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

जनजीवन पर असर
वाराणसी के बाजारों में सुबह और शाम को दिखाई देने वाला कोहरा और ठंड ने लोगों को प्रभावित किया है। बूढ़े, बच्चे और छात्र विशेष रूप से ठंड से बचने के लिए ऊनी कपड़े, शॉल और टोपी पहने दिख रहे हैं। कई लोग चाय की दुकानों पर जुटकर धूप का लुत्फ उठा रहे हैं, जबकि बच्चे स्कूल जाते समय कोहरे की वजह से कठिनाई महसूस कर रहे हैं। वाहन चालकों ने बताया कि हेडलाइटों का उपयोग और धीमी गति अब उनकी रोजमर्रा की ड्राइविंग का हिस्सा बन गया है।

सड़क किनारे खड़े लोग कहते हैं कि कोहरे की वजह से उन्हें सुबह-शाम गति कम करके चलना पड़ रहा है, जिससे यात्रा में समय बढ़ रहा है। इसके अलावा, कुछ इलाकों में अस्पतालों में सर्दी-जुकाम और खांसी ज्य़ादा मिलने की शिकायतें भी सामने आई हैं। हालांकि मौसम विभाग ने कोहरे के कारण स्वास्थ्य सम्बन्धी गंभीर चेतावनी नहीं दी, लेकिन लोगों को गर्म कपड़े और सावधानी बरतने का सुझाव दिया गया है।

IMD अलर्ट और आगे की संभावना
IMD ने वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो अगले 2-3 दिनों तक जारी रहने की संभावना है। इस अलर्ट के अनुसार बहुत घने कोहरे, कम दृश्यता और ठंडी हवाओं के प्रभाव से सड़कीय और रेल यातायात पर प्रभाव पड़ सकता है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि जलवायु में अस्थायी सुधार कुछ दिनों में हो सकता है, लेकिन फिलहाल कोहरे और ठंड की स्थिति बनी रह सकती है। कुछ पूर्वानुमानों के अनुसार अगले 3-4 दिनों में तापमान में धीरे-धीरे थोड़ी बढ़ोतरी भी देखने को मिल सकती है, जिससे ठंड का असर कम होगा।

सावधानियां और सुझाव
सुबह-शाम को घना कोहरा और कम दृश्यता बनी रहेगी।
तापमान न्यूनतम लगभग 9.2°C और अधिकतम लगभग 21°C के आसपास है।
IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
लोगों को गर्म कपड़े पहनने और यात्रा में एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
वाराणसी में आज का मौसम कोहरे और ठंड की सतह पर बना हुआ है, जिससे सुबह-शाम जनजीवन प्रभावित है। तापमान सामान्य से कम होने के कारण ठंड का एहसास अधिक है, और कोहरे के कारण यात्राएं धीमी और सावधान हो गई हैं। अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति जारी रहने की संभावना है, इसलिए लोगों को मौसम के अनुकूल अपने कार्यक्रम बनाने की सलाह दी जाती है।

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