वाराणसी: निर्माण विवाद में ग्राम प्रधान डिटेन, लोहता थाने पर धरना-प्रदर्शन।
वाराणसी जिले के लोहता थाना क्षेत्र अंतर्गत कोरौता गांव में ग्राम सभा की बंजर भूमि पर बौद्ध विहार निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में ग्राम प्रधान दिनेश पटेल को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने के बाद रविवार को दर्जनों ग्राम प्रधान और उनके समर्थक लोहता थाने पहुंच गए और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने ग्राम प्रधान की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए पुलिस कार्रवाई को एकतरफा बताया। थाने के बाहर नारेबाजी के बीच ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की भारी भीड़ जुट गई, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा की उक्त भूमि पर कुछ ग्रामीण बौद्ध विहार का निर्माण कराना चाहते थे, जबकि दूसरे पक्ष का कहना था कि वहां डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा या अन्य सार्वजनिक निर्माण कराया जाना चाहिए। इसी मतभेद को लेकर गांव में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व इस मामले को लेकर एसीपी, थाना प्रभारी समेत अन्य अधिकारियों की ग्राम प्रधान के साथ बैठक हुई थी, जिसमें स्पष्ट रूप से किसी भी प्रकार के स्थायी निर्माण पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया था।
आरोप है कि ग्राम प्रधान दिनेश पटेल नेपाल से लौटने के बाद बीती रात अकेलवा चौकी पर बुलाए गए, जहां से उन्हें लोहता थाने ले जाकर लॉकअप में बंद कर दिया गया।
वहीं पुलिस का कहना है कि ग्राम प्रधान ने चौकी प्रभारी के साथ अभद्र व्यवहार किया था और विवादित भूमि पर ट्रैक्टर से मिट्टी डालने पहुंचे थे। दोनों पक्षों में बढ़ते तनाव और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें डिटेन किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्थिति नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाने पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए है।
