रिपोर्ट – पवन आजाद 

वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी के डाफी स्थित कमला आशीर्वाद वाटिका में नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा का भव्य शुभारंभ 29 मार्च, रविवार से होने जा रहा है। भक्ति और सामाजिक चेतना के संगम वाले इस आयोजन की शुरुआत एक विशाल ‘भाग्य कलश यात्रा’ के साथ की जाएगी।

108 कन्याएं धारण करेंगी कलश

आयोजन समिति के अनुसार, रविवार शाम 4 बजे सीर गोवर्धनपुर स्थित चौराहा माता मंदिर से कलश यात्रा का प्रस्थान होगा। इस शोभायात्रा में 108 देव रूपी कन्याएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर चलेंगी। यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल पर समाप्त होगी, जिसमें वाराणसी सहित अन्य राज्यों के श्रद्धालु भी सम्मिलित होंगे।

साध्वी गीताम्बा तीर्थ की अमृतवाणी

नगवा (लंका) स्थित श्री दुर्गा माता छाया शक्तिपीठ की संस्थापिका और प्रखर देवी उपासिका साध्वी गीताम्बा तीर्थ इस नौ दिवसीय अनुष्ठान में कथा व्यास की भूमिका निभाएंगी। वे प्रतिदिन श्रद्धालुओं को देवी महिमा, संस्कारों और समाज में नारी के गौरवशाली स्थान पर प्रवचन देंगी।

मुख्य उद्देश्य: ‘भ्रूण हत्या’ मुक्त समाज

पिछले 14 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम का इस बार मुख्य लक्ष्य सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करना है।

साध्वी गीताम्बा तीर्थ ने कहा: “समाज में व्याप्त विरोधाभास को मिटाना अनिवार्य है। एक ओर हम नवरात्रि में कन्या पूजन करते हैं, वहीं दूसरी ओर गर्भ में ही कन्या की हत्या कर देते हैं। कथा के माध्यम से हम लोगों को जागरूक करेंगे कि घर की बेटी और बाहर से आई बहू, दोनों ही देवी का स्वरूप हैं और उनका सम्मान करना हमारा परम धर्म है।”

कार्यक्रम की रूपरेखा

विवरण जानकारी

प्रारंभ तिथि 29 मार्च, रविवार

कलश यात्रा स्थल चौराहा माता मंदिर (सीर गोवर्धनपुर) से कथा स्थल तक

कथा स्थल कमला आशीर्वाद वाटिका, डाफी, वाराणसी

विशेष आकर्षण 108 कन्याओं द्वारा कलश यात्रा

समापन विशाल भंडारे के साथ

आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा का अमृत पान करें और भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर पुण्य के भागी बनें।

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