रिपोर्ट – पवन आजाद 

वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में तेजी से बढ़ती वाहनों की संख्या और पार्किंग के अभाव में लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए वाराणसी नगर निगम ने कमर कस ली है। नगर निगम ने शहर के सबसे व्यस्त और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नई पार्किंग विकसित करने की एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। उम्मीद है कि अगले छह माह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा।
इन क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता
शहर के प्रमुख व्यापारिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक केंद्र वर्तमान में बेतरतीब पार्किंग के कारण यातायात के दबाव से जूझ रहे हैं। नगर निगम ने निम्नलिखित क्षेत्रों को नई पार्किंग के लिए चिन्हित किया है:
अस्सी और सिगरा (पर्यटन और व्यापारिक केंद्र)
लहुराबीर और मैदागिन (प्रमुख बाजार)
कलेक्ट्रेट (प्रशासनिक हब)
बेनिया और क्वींस कॉलेज क्षेत्र
प्रस्तावित क्षमता और पार्किंग का स्वरूप
नगर निगम की योजना के अनुसार, प्रत्येक स्थान की जरूरत को देखते हुए वहां पार्किंग की क्षमता निर्धारित की गई है:
क्षेत्र प्रस्तावित क्षमता (अनुमानित)

लहुराबीर ,मैदागिन ,बेनिया,कलेक्ट्रेट
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार, “बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए व्यवस्थित पार्किंग की आवश्यकता लंबे समय से थी। वर्तमान में डिजाइन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। हमारा लक्ष्य है कि 6 महीने के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू करा दिया जाए।”
बजट और निर्माण की योजना
नगर निगम के आकलन के अनुसार, प्रत्येक पार्किंग स्थल के निर्माण पर 2 से 5 करोड़ रुपये तक का खर्च आने का अनुमान है। स्थानीय भौगोलिक स्थिति को देखते हुए कई जगहों पर मल्टीलेवल (बहुस्तरीय) तो कहीं समतल पार्किंग की योजना पर विचार किया जा रहा है।
राहत की उम्मीद:
सड़क किनारे अवैध पार्किंग रुकने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और काशी आने वाले पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

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