रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी। 29 मार्च, डाफी स्थित कमला आशीर्वाद वाटिका में नौ दिवसीय संगीतमय श्रीमद् देवी भागवत कथा एवं शतचंडी महायज्ञ का रविवार को भव्य कलश यात्रा के साथ विधिवत शुभारंभ हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान के पहले दिन पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।

108 कन्याओं ने उठाई कलश, जयघोष से गूंजा क्षेत्र
कलश यात्रा का प्रारंभ डाफी स्थित प्रसिद्ध चौरा माता मंदिर से हुआ। यात्रा में सबसे आगे 108 कन्याएं सिर पर मंगल कलश धारण किए चल रही थीं। उनके पीछे श्रद्धालु महिलाएं एवं पुरुष देवी गीतों की धुन पर नाचते-गाते और ‘हर-हर महादेव’ व ‘जय माता की’ के जयघोष करते हुए चल रहे थे। कथा के यजमान श्रीमद् देवी भागवत की पवित्र पोथी को सिर पर धारण कर चल रहे थे। यह शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए आयोजन स्थल कमला आशीर्वाद वाटिका पहुंची।
मां आदिशक्ति के पूजन से अनुष्ठान का आरंभ
वाटिका पहुंचने के पश्चात मां आदिशक्ति का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया, जिसके बाद कथा का श्रीगणेश हुआ।
देवी भागवत से होता है मानव कल्याण: साध्वी गीताम्बा तीर्थ
कथा के प्रथम दिन भक्तों को संबोधित करते हुए प्रख्यात देवी उपासिका साध्वी गीताम्बा तीर्थ ने देवी भागवत की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
“श्रीमद् देवी भागवत की कथा श्रवण करने से न केवल मानव का कल्याण होता है, बल्कि उसे संसार के समस्त सुखों की प्राप्ति होती है। यह ग्रंथ शक्ति की उपासना और आत्मिक शांति का मार्ग प्रशस्त करता है।”
कार्यक्रम के समापन पर भागवत पोथी की आरती उतारी गई और उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस नौ दिवसीय अनुष्ठान में प्रतिदिन पूजन और कथा का क्रम जारी रहेगा।
