वाराणसी के हरहुआ स्थित राजेश्वरी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को हरियाली तीजोत्सव के अवसर पर में मेंहदी एवं नृत्य-गीत प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विजेता छात्राओं को भी प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय की 25 छात्राओं ने हिस्सा लिया।
हरियाली तीजोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रबंध निदेशक एवं साहित्यकार डॉ. राघवेन्द्र नारायण सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया। मेंहदी प्रतियोगिता में 25 छात्राओं ने हिस्सा लिया और अपनी कला को प्रदर्शित किया। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा प्रस्तुत गीत और मन भावन नृत्य ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ा दी।
प्रतियोगिता के परिणाम
हरियाली तीजोत्सव प्रोग्राम में प्रथम सेमेस्टर की छात्रा सोनम चौहान ने पहला स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान पंचम सेमेस्टर की छात्रा शिखा सरोज एवं तृतीय स्थान पंचम सेमेस्टर की छात्रा पाकीजा खातून ने प्राप्त की। विजेताओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए। अन्य प्रतिभागी छात्राओं को भी प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. राघवेन्द्र नारायण सिंह ने कहा कि, तीज जैसे पर्व हमारी जीवंत संस्कृति के प्रतीक हैं। हजारों वर्षों से मनाए जा रहे ये उत्सव हमें प्रकृति से जुड़ने, सामूहिक जीवन जीने और परिवार के प्रति समर्पण की प्रेरणा देते हैं। निर्जला तीज का व्रत विशेष रूप से सुहागिन हिंदू महिलाओं के दृढ़ संकल्प, त्याग और अनुराग का प्रतीक है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे पर्व समाज को एकजुट करते हैं और इनके सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और शारीरिक महत्व को नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक – शिक्षिका उपस्थित रहे। इनमें विशेष रूप से डॉ. सुमन सिंह, सोनी सिंह, प्रीति राय, इकबाल अहमद, इंदुमती देवी, अजय कुमार और श्रीमती ज्योति सिंह शामिल रहे कार्यक्रम का संयोजन और धन्यवाद ज्ञापन उपनिदेशक अंशुमान सिंह ने किया, जबकि मंच संचालन डॉ. डी.के. तिवारी ने बखूबी निभाया।