रिपोर्ट – पवन आजाद

 

वाराणसी। 23 मार्च, धर्म नगरी काशी में आज चैत्र नवरात्र की पंचमी तिथि पर भगवान श्री निषादराज गुहा और ऋषि महर्षि कश्यप जी की जयंती पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। ‘मां गंगा निषाद राज सेवा समिति’ के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में निषाद, बिंद, कश्यप और मछुआरा समाज के लोगों ने एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया।

धार्मिक अनुष्ठान और भव्य शोभायात्रा

कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 2:00 बजे डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट स्थित गंगेश्वर महादेव मंदिर में हुई, जहाँ स्थापित भगवान निषादराज की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की गई। इसके पश्चात गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई।

इस अवसर पर भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी, बाबा विश्वनाथ, माता पार्वती और धनुर्धर वीर एकलव्य जैसी दिव्य विभूतियों की मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। समिति की महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ देवी-देवताओं के स्वरूपों का पूजन कर भोग लगाया।

मुख्यमंत्री से सरकारी अवकाश की अपील

जयंती समारोह के दौरान निषाद समाज ने एकजुट होकर उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से एक विशेष मांग की। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार निषाद ‘गुरु’ और संरक्षक श्री लक्ष्मण मांझी ने कहा कि निषादराज गुहा और महर्षि कश्यप संपूर्ण समाज के आराध्य हैं।

“मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम को संकट काल में गंगा पार कराने वाले और निषाद समाज के गौरव भगवान निषादराज की जयंती पर उत्तर प्रदेश में सरकारी अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। इससे समाज के मान-सम्मान में वृद्धि होगी।”

सम्मान और सामाजिक सौहार्द

समारोह में आए अतिथियों का स्वागत माला पहनाकर और पगड़ी बांधकर किया गया। उत्सव के दौरान लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और ठंडाई पिलाकर शुभकामनाएं दीं। वक्ताओं ने भगवान श्री राम और निषादराज की मित्रता के प्रसंग को याद करते हुए बताया कि कैसे त्रेतायुग में निषादराज ने निस्वार्थ सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया था।

मुख्य उपस्थिति: कार्यक्रम में विनोद कुमार निषाद ‘गुरु’, लक्ष्मण मांझी, श्रीमती गीता देवी सहित भारी संख्या में नाविक समाज और स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे।

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