रिपोर्ट – पवन आजाद 

वाराणसी। मध्य प्रदेश शासन के संस्कृत विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित भव्य महानाट्य के मंचन का दूसरा दिन उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की श्रम एवं सेवा नियोजन मंत्री अनिल राजभर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके आगमन पर आयोजकों एवं जनप्रतिनिधियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

कार्यक्रम में वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी, विधान परिषद सदस्य अश्विन त्यागी, पूर्व विधायक जगदीश पटेल, सतेंद्र कुमार सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. राजेश कुशवाहा, पंडित नरेश शर्मा, महानाट्य के निर्देशक संजीव मालवीय तथा राजा भोज शोध प्रभाग के निदेशक संजय यादव द्वारा अतिथियों का अंग वस्त्र, विक्रम पंचांग एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर पारंपरिक तरीके से सम्मानित किया गया।

तीन दिवसीय इस ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक आयोजन के दूसरे दिन हजारों की संख्या में बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी के श्रद्धालु, कला रसिक, विद्यार्थी और स्थानीय नागरिक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। मंच पर प्रस्तुत सम्राट विक्रमादित्य के जीवन, उनके सुशासन, न्यायप्रियता, वीरता और सांस्कृतिक गौरव से जुड़े प्रसंगों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों के सशक्त अभिनय, आकर्षक वेशभूषा, भव्य मंच सज्जा और प्रभावशाली संवादों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य भारतीय संस्कृति, न्याय और आदर्श शासन व्यवस्था के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और परंपराओं के बारे में जानने का अवसर मिलता है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और राष्ट्रीय चेतना का संचार करते हैं।

दूसरे दिन के मंचन के समापन पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन समिति के अनुसार, महानाट्य के अंतिम दिन भी विशेष प्रस्तुतियों की श्रृंखला जारी रहेगी, जिसमें बड़ी संख्या में दर्शकों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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