रिपोर्ट – पवन मिश्रा
गाजीपुर। सैदपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध बुढ़ेनाथ महादेव मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्री राम कथा के दौरान प्रख्यात कथावाचक आचार्य शांतनु जी महाराज ने सत्संग की महिमा का बखान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मानव जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के लिए सत्संग अनिवार्य है। जैसे ही व्यक्ति सत्संग की शरण में आता है, कुसंगति और नकारात्मक विचार स्वतः ही उससे दूर होने लगते हैं।
कथा के मुख्य अंश:
सही दिशा का निर्धारण:आचार्य जी ने स्पष्ट किया कि सत्संग न केवल मनुष्य को आत्मिक शांति देता है, बल्कि उसे धर्म और नैतिकता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित भी करता है।
मर्यादा पुरुषोत्तम का आदर्श: भगवान राम के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उनके जीवन से हमें मर्यादा, त्याग और कर्तव्यपरायणता की शिक्षा लेनी चाहिए।
सदाचार और भक्ति: कथा के दौरान भक्ति और आस्था के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन में सदाचार अपनाने पर विशेष बल दिया गया।
भक्तिमय रहा माहौल
कथा के दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। पांडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने भजन-कीर्तन का आनंद लिया और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। स्थानीय निवासियों का इस आयोजन को सफल बनाने में विशेष सहयोग रहा।
सूचना:यह आध्यात्मिक आयोजन 9 अप्रैल से शुरू होकर 15 अप्रैलतक चलेगा। क्षेत्र के श्रद्धालु प्रतिदिन कथा श्रवण के लिए मंदिर परिसर में आमंत्रित हैं।
