रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी। मुख्य संवाददाता रंगों के महापर्व होली की आहट के साथ ही धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी पूरी तरह फागुनी रंग में रंग गई है। बाजारों में उमड़ी भीड़ और सजी हुई दुकानों ने यह साफ कर दिया है कि इस बार होली का उत्साह चरम पर रहने वाला है। शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से लेकर मोहल्लों की गलियों तक, हर तरफ अबीर-गुलाल और पिचकारियों की सतरंगी छटा बिखरी हुई है।
केमिकल को ‘नो’, हर्बल गुलाल को ‘यस’
इस वर्ष काशीवासियों के बीच अपनी त्वचा और पर्यावरण को लेकर जागरूकता बढ़ी है। बाजारों में पारंपरिक रंगों के बजाय हर्बल गुलाल और सुगंधित अबीर की मांग में भारी उछाल देखा जा रहा है। प्राकृतिक फूलों और जड़ी-बूटियों से बने रंगों के गिफ्ट पैक लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं।

पिचकारियों में दिखा सियासी और ‘कैरेक्टर’ क्रेज
बच्चों के लिए बाजार में इस बार खास आकर्षण मौजूद हैं। दुकानों पर सजी पिचकारियों में विविधता देखते ही बन रही है:
हथौड़ा, गड़ासा और त्रिशूल: पारंपरिक डिजाइनों में नया प्रयोग।
बुलडोजर पिचकारी: बाजार में इस बार ‘बुलडोजर’ थीम वाली पिचकारियों की सबसे ज्यादा चर्चा है।
योगी-मोदी थीम: राजनैतिक किरदारों पर आधारित पिचकारियां बच्चों और युवाओं को खूब लुभा रही हैं।
बजट के अनुसार सजी दुकानें
स्थानीय दुकानदार सोनू सोनकर के अनुसार, इस बार बाजार हर वर्ग के बजट को ध्यान में रखकर सजाया गया है।
“पिचकारियां ₹200 से लेकर ₹2000 तक की रेंज में उपलब्ध हैं, जबकि हर्बल गुलाल के आकर्षक गिफ्ट पैक ₹50 से ₹1000 तक की कीमत में मौजूद हैं। जैसे-जैसे त्यौहार करीब आ रहा है, ग्राहकों की संख्या और उत्साह दोनों बढ़ रहे हैं।”
कॉर्पोरेट गिफ्टिंग और सुरक्षा के इंतजाम
रिश्तेदारों और मित्रों को उपहार देने के लिए विशेष गिफ्ट हैम्पर्स की भी अच्छी बिक्री हो रही है। कई संस्थानों ने थोक में ऑर्डर दिए हैं। वहीं, बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर मुस्तैदी बढ़ा दी है ताकि काशी की गलियों में होली का आनंद निर्बाध बना रहे।
