रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी। 2 अप्रैल, धर्म और संस्कृति की नगरी काशी के राजेंद्र प्रसाद घाट पर बुधवार की शाम एक अद्भुत संगम देखने को मिला। अवसर था शनिवार गोष्ठी द्वारा आयोजित ‘महामूर्ख सम्मेलन’ के 58वें संस्करण का, जहाँ एक ओर ठहाकों की गूंज थी, तो दूसरी ओर आधुनिक दौर के सबसे बड़े खतरे यानी ‘साइबर फ्रॉड’ के प्रति जन-जागरूकता का संदेश। लगभग 10,000 से अधिक श्रोताओं की साक्षी में यह आयोजन अपनी भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
परंपरा का निर्वहन: ब्रिटिश ‘एप्रिल फूल’ का सांस्कृतिक जवाब
काशी की इस गौरवशाली परंपरा की जड़ें प्रतिरोध में निहित हैं। माना जाता है कि अंग्रेजों द्वारा हिंदू नववर्ष के महत्व को कम करने के लिए प्रचारित ‘एप्रिल फूल डे’ के विरोध में काशी के मनीषियों ने हास्य-व्यंग्य को हथियार बनाया। स्वतंत्रता के बाद स्व. चकाचक बनारसी, स्व. धर्मशील चतुर्वेदी और श्री सांड बनारसी जैसे साहित्यकारों ने इसे एक संगठित मंच प्रदान किया, जो आज हास्य और जनजागरण का वैश्विक प्रतीक बन चुका है।
खास पहल: ‘एप्रिल फूल डे’ अब ‘एंटी फ्रॉड डे’
इस वर्ष का आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) की पहल पर इस बार 1 अप्रैल को ‘एंटी फ्रॉड डे’ के रूप में मनाया गया।
मुख्य विषय: साइबर फ्रॉड एवं अपराध जागरूकता।
विशेष सत्र: पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के एसीपी श्री विदुष सक्सेना ने उपस्थित जनसमूह को डिजिटल सुरक्षा के गुर सिखाए।
विजिल आंटी: बैंक की प्रसिद्ध ‘विजिल आंटी’ ने वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के सरल तरीके बताए।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण: उलट-पलट परिणय और लोक नृत्य
कार्यक्रम का आगाज पारंपरिक ‘गर्दभ हुंकार’ और लुप्तप्राय लोक नृत्यों की प्रस्तुति से हुआ। परंपरा के अनुसार, इस वर्ष काशी के प्रसिद्ध कलाकार व उद्यमी श्री उमेश जोगई का उनकी पत्नी के साथ ‘उलट-पलट परिणय संस्कार’ कराया गया। व्यंग्य की पराकाष्ठा तब हुई जब इस संस्कार के तुरंत बाद ‘संबंध विच्छेद’ की घोषणा की गई, जिसमें आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने नाऊ और ब्राह्मण की स्वांग भूमिका निभाई।
काव्य रस की वर्षा
देशभर से आए ख्यातिलब्ध कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया:
प्रमुख कवि: प्रताप फौजदार (दिल्ली), अकबर ताज (खंडवा), विकास बौखल (बाराबंकी), कामता माखन (रीवा), जगजीवन मिश्रा, धर्मराज उपाध्याय, सलीम शिवालवी, प्रशांत सिंह एवं प्रशांत बजरंगी।
संचालन: कार्यक्रम का कुशल एवं ओजस्वी संचालन दमदार बनारसी ने किया।
विशिष्ट जनों की उपस्थिति
आयोजन में वाराणसी की प्रशासनिक और राजनीतिक हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
श्री अशोक तिवारी (महापौर), श्री नीलकंठ तिवारी (विधायक), श्री बृजेश सिंह (एमएलसी)।
जिला न्यायाधीश, पुलिस आयुक्त, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं सचिव।
एचडीएफसी बैंक के जोनल हेड श्री मनीष टंडन एवं क्लस्टर हेड श्री रोहित खन्ना।
सम्मान एवं समापन:
अतिथियों का स्वागत डॉ. रमेश दत्त पांडेय एवं श्री विवेक सिंह ने किया। अंत में मीडिया प्रभारी दमदार बनारसी द्वारा सभी कवियों और कलाकारों को सम्मानित कर
आभार व्यक्त किया गया।
