रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी। रामनगर स्थित 36वीं वाहिनी पीएसी के रवींद्रालय सभागार में आज जवानों एवं रिक्रूटों के लिए मानसिक स्वास्थ्य और डिप्रेशन प्रबंधन पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सेनानायक डॉ. अनिल कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के कुशल निर्देशन एवं अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

विशेषज्ञों का संबोधन और मार्गदर्शन
सेमिनार के मुख्य वक्ता बीएचयू (BHU) ट्रामा सेंटर के मानसिक रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. (प्रो.) अच्युत पाण्डेय रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में सेनानायक महोदय ने डॉ. पाण्डेय का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
डॉ. अच्युत पाण्डेय ने अपने व्याख्यान में मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया:
मानसिक रोग की पहचान: व्यवहार और कार्यप्रणाली में वाले बदलावों के जरिए शुरुआती लक्षणों को पहचानना।
डिप्रेशन से मुक्ति: अवसाद के चक्र से बाहर निकलने की वैज्ञानिक कला और सकारात्मक सोच का महत्व।
आनंदमय जीवन: कम संसाधनों के बावजूद जीवन को उत्साह और प्रसन्नता के साथ जीने के तरीके।
उपलब्ध चिकित्सा सुविधाएं
डॉ. पाण्डेय के साथ आए विशेषज्ञ दल (डॉ. रवि भूषण सिंह, डॉ. रितिका और डॉ. अर्गदीप) ने बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर में उपलब्ध आधुनिक उपचार सुविधाओं और परामर्श सेवाओं के बारे में जानकारी साझा की, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जवान इनका लाभ उठा सकें।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण सत्र के दौरान वाहिनी के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
* श्री विनय कुमार मिश्रा (चिकित्सक, वाहिनी चिकित्सालय)
* श्री कैलाश नाथ यादव (शिविरपाल)
* श्री अजीत प्रताप सिंह (दलनायक)
* श्री सुरेंद्र कुमार (सूबेदार मेजर)
* श्री गौरव त्रिपाठी (RTC प्रभारी)
सेमिनार में वाहिनी के समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं आधारभूत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी रिक्रूटों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने की शपथ ली।
मीडिया सेल 36वीं वाहिनी पीएसी, रामनगर, वाराणसी
