रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्री रामानंद विश्व हितकारिणी परिषद के संस्थापक श्रीमद् जगद्गुरु रामानंदाचार्य काशी पीठाधीश्वर स्वामी डॉ० राम कमलाचार्य वेदांती जी महाराज के सानिध्य में प्राचीन श्री राम मंदिर गुरु धाम, वाराणसी में श्री राम जन्मोत्सव का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्री राम का आशीर्वाद प्राप्त किया।
दो दिन पूर्व से शुरू हुई तैयारियां, फूलों और रोशनी से सजा मंदिर परिसर
श्री राम जन्मोत्सव को लेकर मंदिर में दो दिन पूर्व से ही तैयारियां शुरू हो गई थीं। संपूर्ण मंदिर परिसर को आकर्षक फूल मालाओं, रंग-बिरंगे गुब्बारों एवं विद्युत झालरों से भव्य रूप से सजाया गया था। मंदिर की सजावट और धार्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
वैदिक पद्धति से हुआ पूजन-अर्चन, बटुकों और आचार्यों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
प्रातः काल 8 बजे आश्रम के सभी बटुकों और आचार्यों ने एकत्र होकर भगवान श्री राम का विधिवत वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन-अर्चन किया। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर में वेद मंत्रों की गूंज सुनाई दे रही थी, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो उठा।
काशी के कलाकारों ने प्रस्तुत किए प्रभु श्री राम के मधुर वचन, महिला मंडल ने गाए बधाई गीत
सुबह 10 बजे से काशी के सिद्धहस्त कलाकारों द्वारा प्रभु श्री राम के जीवन से जुड़े प्रसंगों और मधुर वचनों की सुंदर प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह के साथ सुना।
वहीं मंदिर की महिला मंडल द्वारा पारंपरिक बधाई गीत गाए गए, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्सव का माहौल और भी अधिक प्रफुल्लित हो गया।
दोपहर 12 बजे हुई भव्य आरती, 51 थालियों से भक्तों ने उतारी आरती
ठीक दोपहर 12 बजे मंदिर के पुजारी जी द्वारा भगवान श्री राम की भव्य आरती संपन्न कराई गई। इस दौरान उपस्थित सभी भक्तों ने एक स्वर में भगवान श्री राम की दिव्य स्तुति की और अपने जीवन को धन्य बनाया।
विशेष बात यह रही कि लगभग 51 थालियों के माध्यम से भक्तों ने सामूहिक रूप से भगवान की आरती उतारी, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।

प्रसाद वितरण और भंडारे का हुआ आयोजन, श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद
आरती के पश्चात सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इसके साथ ही मंदिर परिसर में भव्य भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक उत्सव का आनंद लिया।
संपूर्ण कार्यक्रम की व्यवस्था आश्रम के सचिव पं. रामभरत शास्त्री ने संभाली
इस भव्य धार्मिक आयोजन की संपूर्ण व्यवस्था आश्रम के सचिव पंडित रामभरत शास्त्री जी द्वारा सुव्यवस्थित ढंग से की गई। उनके नेतृत्व में सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हुईं, जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
