कौशलपुरी कॉलोनी में पानी निकासी का काम कर रहे थे कर्मचारी, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप; कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
वाराणसी। चितईपुर थाना क्षेत्र के सुसुवाही स्थित कौशलपुरी कॉलोनी में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए सफाई और पानी निकासी का काम कर रहे कर्मचारियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। सफाई कर्मचारियों ने कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति समेत दो लोगों पर गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी चितईपुर थाने पहुंच गए और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बताया गया कि कौशलपुरी कॉलोनी में जलभराव के कारण कई स्थानों पर पानी के साथ गंदगी और कीचड़ जमा है। लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए सफाई कर्मचारी जल निकासी और सफाई के काम में जुटे थे। सुपरवाइजर आनंद कुमार विश्वकर्मा अपने सफाई कर्मचारी आनंद और कमल चंद्र के साथ मौके पर मौजूद थे। कर्मचारी एक स्थान पर जमा पानी को दूसरे स्थान की ओर निकालने के लिए पाइप को हटाने और पानी का रास्ता बनाने का प्रयास कर रहे थे।
सफाई कर्मचारियों के अनुसार, इसी दौरान कॉलोनी निवासी विश्वास कुमार पांडेय एक अन्य व्यक्ति के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने वहां काम कर रहे कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। कर्मचारियों ने जब काम में बाधा डालने का विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। कर्मचारियों का आरोप है कि इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और धक्का देकर गिराने का प्रयास किया गया।

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उनके सिर में भी चोट लगी। उनका यह भी आरोप है कि विवाद के दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कर्मचारियों ने तत्काल पुलिस की सहायता के लिए 112 नंबर पर सूचना दी और मामले की जानकारी अपने पार्षद को भी दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। सफाई कर्मचारियों के अनुसार, पुलिस ने विश्वास कुमार पांडेय को पकड़कर चितईपुर थाने पहुंचाया। इसके बाद सफाई कर्मचारी भी बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए। कर्मचारियों ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर घटना की जानकारी दी और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

सफाई कर्मचारियों का कहना है कि कौशलपुरी कॉलोनी में जलभराव के कारण काफी समय से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह पानी जमा होने से गंदगी और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। इसी समस्या को दूर करने के लिए कर्मचारी मौके पर पानी की निकासी और सफाई का काम कर रहे थे। कर्मचारियों के मुताबिक, उनका उद्देश्य जलभराव से लोगों को राहत दिलाना था, लेकिन काम के दौरान उनके साथ विवाद और मारपीट की घटना हो गई।

थाने पहुंचे सफाई कर्मचारियों ने घटना को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि सफाई कर्मचारी अपनी ड्यूटी के दौरान गंदे पानी, कीचड़ और कचरे के बीच काम करते हैं। जलभराव वाले इलाकों में सफाई और पानी निकासी करना उनकी जिम्मेदारी है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान उनके साथ गाली-गलौज या मारपीट की घटना से कर्मचारियों में आक्रोश है।
कर्मचारियों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने और घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं की गई तो सफाई कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।

घटना की सूचना के बाद थाने पर कर्मचारियों की भीड़ जुटने से पुलिस को भी स्थिति संभालनी पड़ी। कर्मचारियों ने अपनी शिकायत में मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सफाई कर्मचारी कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं और उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
