वाराणसी : लहरतारा स्थित संत कबीर प्राकट्य स्थली कबीर मठ में राज्यसभा सांसद बनने के बाद प्रथम आगमन पर महामण्डलेश्वर बाल योगी उमेशनाथ महाराज का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर कबीर मठ के पीठाधीश्वर महंत गोविंद दास शास्त्री के नेतृत्व में संत समाज और श्रद्धालुओं ने उनका अभिनंदन किया।
महंत गोविंद दास शास्त्री ने अंगवस्त्र, माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उमेशनाथ जी महाराज का स्वागत किया। उनके मार्गदर्शन में मठ परिसर में भक्ति और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मठ के प्रबंधक दिनेश दास महाराज की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अपने संबोधन में महंत गोविंद दास शास्त्री ने कहा कि कबीर की पावन भूमि पर उमेशनाथ महाराज का आगमन संत परंपरा के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने आशा जताई कि संसद में संत समाज की आवाज को मजबूती मिलेगी और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उन्होंने संत परंपरा की एकता और समाज में समरसता बनाए रखने का आह्वान किया।

इस अवसर पर उमेशनाथ जी महाराज ने संत कबीर के जीवन और उनके संदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी सदैव आध्यात्मिक चेतना की भूमि रही है। उन्होंने समाज को एकता, प्रेम और सद्भाव का संदेश देते हुए मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में संतों एवं श्रद्धालुओं ने देश की सुख-समृद्धि की कामना की। यह आयोजन आध्यात्मिक एकता और संत परंपरा के सम्मान का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।
