वाराणसी में बढ़ी कीमतों के बीच लोगों ने कहा – “जरूरत है, मजबूरी भी।

वाराणसी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच देशभर में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब ₹3 प्रति लीटर तक का इजाफा किया है, जबकि सीएनजी भी ₹2 प्रति किलोग्राम महंगी हो गई है। नई दरें शुक्रवार से लागू हो गईं। करीब चार वर्षों बाद ईंधन की कीमतों में एक साथ इतनी बड़ी वृद्धि देखने को मिली है।

वाराणसी में भी बढ़ी कीमतों का असर साफ दिखाई दिया, लेकिन इसके बावजूद पेट्रोल पंपों पर वाहनों की भीड़ कम नहीं हुई। लोग रोजाना की तरह अपने दोपहिया और चारपहिया वाहनों में पेट्रोल भरवाते नजर आए। कई लोगों ने कहा कि महंगाई बढ़ने के बावजूद ईंधन उनकी जरूरत है और इससे बचा नहीं जा सकता।

छोटे व्यापारियों और दूध विक्रेताओं पर बढ़ा बोझ

शहर के छोटे व्यापारियों, दूध विक्रेताओं और डिलीवरी से जुड़े लोगों ने कहा कि ईंधन महंगा होने से उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ेगा। एक दूध व्यवसायी ने बताया कि रोज सुबह दूरदराज के इलाकों से दूध लेकर शहर और मंदिरों तक पहुंचाना पड़ता है। ऐसे में वाहन का इस्तेमाल उनकी मजबूरी है।

व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों के लिए अब परिवहन लागत और बढ़ जाएगी। इसका असर सब्जियों, दूध, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है

नई दरों के मुताबिक राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं अन्य महानगरों में भी ईंधन की कीमतों में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है।

कोलकाता में पेट्रोल 108.74 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया।

मुंबई में पेट्रोल 106.68 रुपये प्रति लीटर हो गया।

चेन्नई में पेट्रोल 103.67 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया।

डीजल की कीमतों में भी इसी तरह बढ़ोतरी हुई है। कोलकाता में डीजल 95.13 रुपये, मुंबई में 93.14 रुपये और चेन्नई में 95.25 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

दिल्ली के एक पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने पहुंचे ग्राहक ने कहा कि भारत कच्चे तेल के लिए विदेशों पर निर्भर है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय हालात का असर देश में दिखना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि सरकार परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय ले रही है।

विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “महंगाई मैन ने जनता पर हंटर चलाया।” वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने तंज कसते हुए कहा कि “आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है।”

विशेषज्ञों ने जताई चिंता

ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 106 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुकी है। वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ती कीमतों के कारण तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था, जिसके चलते ईंधन दरों में वृद्धि की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया का तनाव लंबा खिंचता है और कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं, तो आने वाले समय में महंगाई का असर आम लोगों की जेब पर और अधिक पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *