रिपोर्ट – गोपी गुप्ता
वाराणसी। रामनवमी पर काशी की विश्व प्रसिद्ध रामकथा मंदाकिनी शोभायात्रा का भव्य और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। मां गंगा के पावन तट पर तुलसी घाट से नमो घाट तक नव से भव्य शोभायात्रा निकली गईं ।इस शोभायात्रा में ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान श्रीराम ब्रह्मांड से अवतरित होकर भक्तों के बीच विराजमान हों। पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर नजर आया।

भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित सजीव झांकियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। गंगा तट पर सजी इन झांकियों को देखकर ऐसा प्रतीत हुआ मानो संपूर्ण ब्रह्मांड भगवान श्रीराम की स्तुति कर रहा हो।
शोभायात्रा की शुरुआत परंपरा के अनुसार तुलसी घाट से हुई, जहां संकट मोचन मंदिर के महंत डॉ. विश्वंभर नाथ मिश्र ने आरती कर यात्रा को रवाना किया। विगत 39 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा का इस वर्ष भी भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान 30 केवट बंधुओं को साफा बांधकर सम्मानित किया गया, जो इस आयोजन की विशेष पहचान रहा।
