रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी। मनरेगा को लेकर रविवार को एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) द्वारा निकाले जा रहे मार्च को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। यह मार्च महिला महाविद्यालय से निकाला गया था, जिसे पहले से तैनात भारी पुलिस फोर्स ने आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एनएसयूआई के लगभग 35 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। मौके पर एडीसीपी, एसीपी समेत कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के जवान बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
डीआईजी शिव हरी मीणा ने बताया कि एनएसयूआई द्वारा इस रैली के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के मार्च निकालकर कानून व्यवस्था को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा था, इसलिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
वहीं, प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं के हाथों में विभिन्न मांगों और नारों से लिखी तख्तियां थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारे लगाए।

गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से मनरेगा से जुड़ी मांगों को लेकर मार्च निकाल रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बिना किसी ठोस कारण के रोककर गिरफ्तार कर लिया। उनका आरोप है कि गिरफ्तारी का स्पष्ट कारण भी उन्हें नहीं बताया गया।
घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया, हालांकि भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण स्थिति को नियंत्रण में रखा गया। फिलहाल सभी गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को पुलिस लाइन भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
