लिखित शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, टिकरी मार्ग से नारायणपुर को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर कीचड़ और गंदे पानी से ग्रामीण परेशान
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विकास के दावों के बीच रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के नारायणपुर गांव की स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। गांव को टिकरी मार्ग से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर पिछले करीब एक माह से बारिश का पानी जमा है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर गंदा पानी और कीचड़ फैला हुआ है। ऐसे में स्कूली बच्चों समेत ग्रामीणों को इसी रास्ते से होकर आवागमन करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा परेशानी सुबह स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को उठानी पड़ रही है। बच्चों को गंदे पानी और कीचड़ के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। इससे उनके कपड़े और जूते भी खराब हो रहे हैं। कई जगह पानी की गहराई और सड़क की खराब स्थिति के कारण बच्चों को संभलकर रास्ता पार करना पड़ता है।
एक माह से सड़क पर जमा है पानी
ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के बाद से संपर्क मार्ग पर पानी जमा है। पानी की निकासी नहीं होने के कारण कई दिनों तक सड़क पर ही ठहरा रहता है। लगातार जलभराव के चलते सड़क के आसपास गंदगी और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि समस्या सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं है। लंबे समय से पानी जमा होने के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। इससे बच्चों और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
20 अगस्त को जिला प्रशासन को दी गई लिखित शिकायत
नारायणपुर गांव निवासी शिक्षक शिवपूजन पाठक के मुताबिक, जलभराव की समस्या को लेकर 20 अगस्त को जिला प्रशासन को लिखित शिकायत दी गई थी। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर भी कई बार जिम्मेदार लोगों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। बारिश रुकने के बाद भी पानी लंबे समय तक सड़क पर जमा रहता है, जिससे लोगों की परेशानी बनी रहती है।
विधायक को भी दी गई जानकारी
ग्रामीणों के अनुसार, रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुनील पटेल को भी संपर्क मार्ग पर जलभराव की समस्या से अवगत कराया गया है। इसके बावजूद अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क के किनारे उचित नाला या जलनिकासी की व्यवस्था कर दी जाए तो हर साल बरसात में होने वाली इस समस्या से राहत मिल सकती है।
बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता
जलभराव वाले रास्ते से रोजाना बच्चों के गुजरने को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गंदे पानी में मच्छरों के पनपने से बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, पानी और कीचड़ के बीच से गुजरने के दौरान बच्चों के फिसलने या चोटिल होने की आशंका भी बनी रहती है।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजना उनकी मजबूरी है। रास्ता खराब होने के बावजूद उनके पास दूसरा सुरक्षित विकल्प नहीं है।
हर साल बरसात में बनती है यही स्थिति
ग्रामीणों के मुताबिक, नारायणपुर गांव नगर निगम क्षेत्र से सटा हुआ है, लेकिन संपर्क मार्ग पर जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। यही वजह है कि बरसात के मौसम में हर साल सड़क पर जलभराव की समस्या सामने आती है।

ग्रामीणों का कहना है कि केवल जमा पानी हटाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए जलनिकासी की उचित व्यवस्था और सड़क की स्थिति में सुधार जरूरी है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मौके का निरीक्षण कर सड़क से पानी हटवाने की मांग की है। साथ ही जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की भी मांग उठाई है, ताकि आने वाले दिनों में दोबारा ऐसी स्थिति न बने।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के बीच बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ रास्ता उपलब्ध होना भी जरूरी है। फिलहाल नारायणपुर के बच्चों की मजबूरी यही है कि उन्हें रोज गंदे पानी और कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। अब देखना यह है कि शिकायत के बाद जिम्मेदार विभाग इस समस्या का समाधान कब तक करता है।
