लव बर्ड नए साल पर कौन सा फूल अपने पार्टनर को दें – देखें कौन कौन से फूल बाजारों में सजे।
वाराणसी। नववर्ष के आगमन के साथ ही जिले भर के फूल बाजारों में रौनक लौट आई है। शहर के लंका, रविदास गेट, दुर्गाकुंड और संकट मोचन क्षेत्र के आसपास लगे फूलों की दुकानों पर जबरदस्त चहल-पहल देखने को मिल रही है। मंदिरों, घरों की सजावट और नए साल के स्वागत के लिए लोग बड़ी संख्या में फूलों की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे फूल विक्रेताओं के चेहरे खिल उठे हैं।
फूल विक्रेताओं विनोद सोनकर के अनुसार गुलाब, गेंदा और चमेली की मांग सबसे अधिक है। सामान्य दिनों की तुलना में फूलों के दामों में हल्की बढ़ोतरी भी देखी गई है, लेकिन इसके बावजूद ग्राहकों की आवाजाही कम नहीं हुई है। सुबह से लेकर देर शाम तक बाजारों में भीड़ बनी हुई है और रंग-बिरंगे फूलों से पूरा इलाका महक रहा है। खासकर युवाओं में नववर्ष को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है, जो घरों और पूजा स्थलों की सजावट के लिए फूल खरीद रहे हैं।
ग्राहक रिचा सिंह का कहना है कि नए साल की शुरुआत पूजा-पाठ और सकारात्मक माहौल से करना शुभ माना जाता है। वहीं दोस्तों और परिवार के साथ जश्न मनाने के लिए भी फूल जरूरी हो गए हैं, जिससे वातावरण खुशनुमा बनता है। एक फूल व्यवसायी ने बताया कि नववर्ष के साथ-साथ धार्मिक आयोजनों और पूजा-पाठ के कारण भी फूलों की मांग में इजाफा हुआ है, जिससे कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद है।
इस बार घाटों पर भी खास चहल-पहल देखने को मिल रही है। टोकरी में गुलाब के फूल लेकर घाटों पर बेचने वाले लोग नजर आ रहे हैं। युवक-युवतियां एक-दूसरे को गुलाब भेंट करने के लिए फूल खरीदते दिखाई दे रहे हैं। नए साल के स्वागत और पुराने साल को विदा करने को लेकर हर वर्ग में उत्साह है।
नववर्ष की अगवानी में देसी के साथ-साथ विदेशी फूलों की खुशबू भी काशी में बिखरेगी। थाईलैंड, कोलकाता, पुणे और बेंगलुरु सहित अन्य शहरों से इंग्लिश गुलाब, ऑर्किड, कार्नेशन और विक्टोरिया जैसे फूल हवाई मार्ग से मंगाए जा रहे हैं। लोगों की पसंद के अनुसार कस्टमाइज गुलदस्तों से बाजार सजा हुआ है। कोरियन, चॉकलेटी, मेमोरी और लक्की नंबर वाले गुलदस्तों की खास मांग है। सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे डिजाइनों के अनुसार भी ऑर्डर दिए जा रहे हैं। कारोबारियों के अनुसार करीब 60 प्रतिशत एडवांस ऑर्डर पहले ही मिल चुके हैं।
फूल कारोबारियों का कहना है कि एक-दूसरे को गुलदस्ता भेंट कर नए साल की अगवानी करने का चलन तेजी से बढ़ा है। वर्तमान में शहर में 50 से अधिक गुलदस्तों की दुकानें संचालित हैं और क्रिसमस से दो दिन पहले ही बिक्री में तेजी आ गई थी।

ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह नववर्ष खास माना जा रहा है। रोहिणी नक्षत्र, पांच शुभ योग और गुरु बृहस्पति की अगवानी में नए साल का सूर्य उदय होगा। पौष शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर एक जनवरी को रोहिणी नक्षत्र रहेगा। कौलव योग, रवि योग और यायीजय योग का संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आने वाले वर्ष पर गुरु बृहस्पति का विशेष प्रभाव रहेगा, जिससे लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है।कुल मिलाकर नववर्ष का उत्साह न केवल लोगों के घरों को सजा रहा है, बल्कि फूल बाजारों में भी खुशबू, रंग और उल्लास भर रहा है।
