वाराणसी : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्था बनारस हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा किए गए अध्ययन में ऑनलाइन कार्ड गेम्स में प्रयुक्त रैंडम नंबर जनरेटर्स की विश्वसनीयता और सांख्यिकीय निष्पक्षता को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित किया है। यह शोध आईआईटी-बीएचयू के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर और हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ. भास्कर विश्वास और उनकी टीम के नेतृत्व में किया गया था। उन्होंने वास्तविक गेमप्ले डेटा का उपयोग करके कार्ड शफलिंग एल्गोरिदम की यादृच्छिकता और निष्पक्षता का आकलन करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत पद्धतियों को लागू किया।
प्रो. विश्वास ने कहा ये परिणाम उच्च स्तर की सांख्यिकीय सुसंगतता को दर्शाते हैं और डिजिटल कार्ड गेम्स में आरएनजी के मजबूत क्रियान्वयन को लेकर आश्वस्त करते हैं। ऑनलाइन रम्मी जैसे गेम्स में रैंडमनैस पूरी तरह निष्कलंक होनी चाहिए। हमारा विश्लेषण दर्शाता है कि यदि सही तरीके से लागू किया जाए, तो आरएनजी निष्पक्षता और अनिश्चितता के मूल सिद्धांतों को बरकरार रख सकते हैं।
इस अध्ययन में ‘डाईहार्डर’ सांख्यिकीय टेस्ट सुइट का उपयोग किया गया, जो आरएनजी गुणवत्ता का मूल्यांकन करने के लिए विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है। इसमें रम्मीकल्चर, जो भारत का अग्रणी स्किल-बेस्ड ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म है और गेम्सक्राफ्ट की फ्लैगशिप प्लेटफ़ॉर्म है, तीन महीने के नॉन-पर्सनली आइडेंटिफायबल गेमप्ले डेटा को शामिल किया गया। विश्लेषण 53-कार्ड और 106-कार्ड दोनों प्रारूपों को कवर करता है और इसमें रैंडमनैस के विभिन्न आयामों जैसे यूनिफॉर्मिटी, इंडिपेंडेंस और अनप्रिडिक्टेबिलिटी का मूल्यांकन किया गया।
अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष:
53-कार्ड गेम्स के लिए आरएनजी ने डाईहार्डर टेस्ट्स में 97.34 प्रतिशत सफलता दर पाई, जबकि 106-कार्ड गेम्स के लिए यह 98.25प्रतिशत रही। पी-वैल्यू डिस्ट्रीब्यूशंस, जो रैंडमनैस की गुणवत्ता का संकेत देते हैं, दोनों प्रारूपों में मुख्य रूप से समान पाई गईं, केवल किनारी रेंज (0.0–0.1 और 0.9–1.0) में हल्की क्लस्टरिंग देखी गई, जो पूरी तरह से सैद्धांतिक रूप से अपेक्षित है।
यह रम्मीकल्चर के लिए एक अग्रणी उपलब्धि है, क्योंकि यह पहली बार है जब किसी स्किल-बेस्ड रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म के वास्तविक गेम डेटा की स्वतंत्र अकादमिक संस्थान द्वारा समीक्षा की गई है।
आईआईटी-बीएचयू की टीम ने डाईहार्डर के व्यापक सुइट के जरिए आरएनजी को सत्यापित किया, जिसमें निम्नलिखित टेस्ट्स शामिल हैं: बर्थडे स्पेसिंग टेस्ट (डुप्लिकेट वैल्यूज की पहचान के लिए), बिटस्ट्रीम और रैंक टेस्ट (बिट-स्तर की रैंडमनैस के लिए), पार्किंग लॉट और मिनिमम डिस्टेंस टेस्ट (स्पेशियल डिस्ट्रीब्यूशन की सिम्युलेशन के लिए), डीएनए और ओपीएसओ,ओक्यूएसओ टेस्ट्स (ओवरलैपिंग सीक्वेंस विसंगतियों की पहचान के लिए)
इन सभी परीक्षणों को बड़े डेटा सेट्स पर बार-बार लागू किया गया और परिणामों ने यह बार-बार पुष्टि की कि जनरेट की गई नंबर सीक्वेंस में कोई पूर्वाग्रह या पूर्वानुमान लगाने की संभावना नहीं थी।
महत्वपूर्ण रूप से, रिपोर्ट इन निष्कर्षों की नियामकीय प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डालती है। डिजिटल गेम्स में आरएनजी अक्सर एनआईएसटी मानकों और ब्रिटिश रिमोट टेक्निकल स्टैंडर्ड्स जैसे फ्रेमवर्क के अंतर्गत ऑडिट और सर्टिफिकेशन के अधीन होते हैं। आईआईटी-बीएचयू का विश्लेषण पुष्टि करता है कि अध्ययन किए गए आरएनजी सिस्टम्स इन अंतरराष्ट्रीय मानकों की सांख्यिकीय अपेक्षाओं को पूरा करते हैं।