रिपोर्ट – गोपी गुप्ता

वाराणसी। इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), नई दिल्ली द्वारा 39वाँ दीक्षांत समारोह का आयोजन दिनांक 7 अप्रैल 2026, मंगलवार को किया जा रहा है। इस अवसर पर देशभर के लगभग 3 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को विभिन्न पाठ्यक्रमों में उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। मुख्य समारोह इग्नू मुख्यालय मैदानगढ़ी, नई दिल्ली में आयोजित होगा, जिसके मुख्य अतिथि भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन होंगे।

इसी क्रम में देशभर में स्थापित इग्नू के 39 क्षेत्रीय केंद्रों पर भी दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, वाराणसी द्वारा बीएचयू परिसर स्थित महामना सभागार, मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी, कुलपति, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय होंगे।

दीक्षांत समारोह में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी के कुल 4,092 छात्र-छात्राओं को उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। इनमें 2,205 परास्नातक और 1,373 स्नातक छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के 429 डिप्लोमा तथा 85 प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।

इस समारोह की विशेष उपलब्धि यह है कि इग्नू क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी की दो छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।

इशिता त्रिपाठी को बी.ए. कार्यक्रम में स्वर्ण पदक प्रदान किया जाएगा।

रोली सिंह को बी.ए. (लोक प्रशासन) में स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा।

वहीं, इग्नू क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी की छात्रा शिवानी भोलेनाथ चौरसिया (बीकॉम) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोफेसर आर. के. ग्रोवर एवं डॉ. डी. के. चौधरी नकद पुरस्कार प्राप्त किया है। यह पुरस्कार विशेष रूप से बीकॉम कार्यक्रम के दिव्यांग विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए प्रदान किया जाता है।

दीक्षांत समारोह में परास्नातक एवं स्नातक कार्यक्रमों के 150 चयनित छात्र-छात्राओं को व्यक्तिगत रूप से समारोह में आमंत्रित किया गया है, जिन्हें मुख्य अतिथि द्वारा मंच से उपाधि प्रदान की जाएगी।

इसके साथ ही इग्नू द्वारा प्रारंभ किए गए नए पाठ्यक्रमों — एमएससी-इन्फॉरमेंशन साइंस, एमएससी-भौतिकी, एमए-फ्रेंच भाषा, एमए-ज्योतिष, एमए-हिन्दू अध्ययन, एमए-वैदिक अध्ययन, एमए-संस्कृत तथा भारतीय काल गणना और वैदिक गणित के प्रमाणपत्र कार्यक्रमों में भी पहली बार विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी।

इग्नू का यह दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, जो उनकी मेहनत और उपलब्धियों का सम्मान करने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की नई जिम्मेदारियों के लिए प्रेरित करेगा।

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