रिपोर्ट – पवन मिश्रा
गाजीपुर। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के विरुद्ध की गई टिप्पणी को लेकर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में सियासत गरमा गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

पुलिस से तीखी नोकझोंक, भारी संख्या में जुटे कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब पुतला दहन को रोकने के लिए पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में उपस्थित पदाधिकारियों और समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन जारी रखा। कार्यकर्ताओं की मांग है कि अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने वाले मुख्यमंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
“लोकतंत्र और दलित अस्मिता पर हमला”: जिलाध्यक्ष
जिलाधिकारी कार्यालय में मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीलराम ने कहा:
“असम के मुख्यमंत्री द्वारा हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष, जो दलित समाज से आते हैं, उनके विरुद्ध की गई टिप्पणी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। यह न केवल एक व्यक्ति पर बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और भारतीय राजनीति की गरिमा पर प्रहार है। कांग्रेस पार्टी अपने नेताओं के सम्मान के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।”
प्रमुख बिंदु और चेतावनी
संयुक्त प्रदर्शन: जिला और शहर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में हुआ बड़ा विरोध।
कार्यकर्ताओं का आक्रोश: असम सीएम की गिरफ्तारी और सार्वजनिक माफी की मांग।
आंदोलन की चेतावनी: कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि इस तरह की बयानबाजी पर लगाम नहीं लगी, तो पार्टी भविष्य में व्यापक स्तर पर आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
गाजीपुर में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिला मुख्यालय पर एकत्र होकर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सीएम का पुतला फूंका। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई। जिलाध्यक्ष सुनील राम ने मुख्यमंत्री के बयान को दलित विरोधी और अलोकतांत्रिक करार देते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

