रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी। 4 अप्रैल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दूसरे दिन शनिवार सुबह काशी के पुराधिपति बाबा विश्वनाथ और ‘काशी कोतवाल’ बाबा काल भैरव के चरणों में मत्था टेका। इस दौरान मुख्यमंत्री का एक सहज और आत्मीय रूप भी देखने को मिला, जब उन्होंने मंदिर के बाहर स्थानीय दुकानदारों और बच्चों से रुककर संवाद किया।

काल भैरव मंदिर में पूजन और जन-संवाद
शनिवार सुबह मुख्यमंत्री सबसे पहले काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने विधि-विधान से आरती कर दर्शन-पूजन किया और लोक-कल्याण की कामना की। मंदिर से बाहर निकलते समय मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद नन्हे बच्चों को दुलारा और उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। स्थानीय दुकानदारों ने भी अपने प्रिय मुख्यमंत्री का अभिवादन किया, जिस पर योगी आदित्यनाथ ने रुककर उनका कुशलक्षेम जाना।

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में अभिषेक
इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने गर्भगृह में बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार पूजन-अभिषेक किया। मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री को देख श्रद्धालु उत्साहित हो उठे और पूरा परिसर “हर-हर महादेव” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। मुख्यमंत्री ने भी हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया।
प्रमुख उपस्थिति
मुख्यमंत्री के साथ दर्शन-पूजन के दौरान प्रदेश सरकार के कई मंत्री और विधायक भी उपस्थित रहे:
कैबिनेट मंत्री: राकेश सचान, अनिल राजभर
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार): रविंद्र जायसवाल
राज्यमंत्री: संदीप सिंह
विधायक: नीलकंठ तिवारी, सुशील सिंह, अवधेश सिंह
मुख्यमंत्री का यह दौरा काशी के विकास कार्यों की समीक्षा और आध्यात्मिक ऊर्जा के संगम के रूप में देखा जा रहा है। उनके आत्मीय व्यवहार ने एक बार फिर जनता और शासन के बीच के सीधे जुड़ाव को दर्शाया है।
