रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी। कभी शिक्षा, संस्कार और शुचिता की पहचान मानी जाने वाली काशी की धरती पर स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) इन दिनों लगातार आपराधिक घटनाओं को लेकर सुर्खियों में है। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के सपनों की यह बगिया अब अपराध की बढ़ती घटनाओं के कारण सवालों के घेरे में है। बीते छह वर्षों के आंकड़ों और चर्चित घटनाओं पर नजर डालें तो परिसर और छात्रावासों में संगीन वारदातों की लंबी फेहरिस्त सामने आती है।
हालिया घटना ने फिर बढ़ाई चिंता
ताजा मामला छात्र रौशन मिश्रा पर चार राउंड फायरिंग और पांच आरोपियों पर हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में दर्ज मुकदमे का है। बिरला हॉस्टल के पास हुई इस घटना ने एक बार फिर विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

30 से अधिक संगीन मामले दर्ज
सूत्रों के अनुसार, पिछले छह वर्षों में लंका थाने में बीएचयू परिसर से जुड़े करीब 30 संगीन मामले दर्ज हुए हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, सामूहिक दुष्कर्म, छेड़खानी, मारपीट, अवैध तस्करी और फायरिंग जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
लगातार हो रही घटनाओं के पीछे सुरक्षा कर्मियों की ढिलाई और लचर पर्यवेक्षण को प्रमुख कारण माना जा रहा है। आरोप है कि छात्रावासों में बाहरी और निष्कासित छात्रों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है। रूटीन चेकिंग का अभाव, परिसर में निगरानी की कमी और छात्र गुटबाजी भी अपराध को बढ़ावा दे रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा समय-समय पर सुरक्षा कड़ी करने के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात सुधरते नहीं दिख रहे। छात्र संगठनों और अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा के मंदिर में भय का माहौल बनना चिंताजनक है।
प्रशासन की चुनौती
बीएचयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की साख बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। लगातार हो रही आपराधिक घटनाएं न केवल विश्वविद्यालय की छवि को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर रही हैं।
अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस विभाग मिलकर परिसर को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाने के लिए ठोस कदम कब और कैसे उठाते हैं।
बीते वर्षों की प्रमुख घटनाएं
2 अप्रैल 2019 – बिरला हॉस्टल के पास छात्र गौरव सिंह बग्गा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे परिसर को झकझोर दिया था।
सितंबर 2019 – आयुर्वेद संकाय के पास चाय विक्रेता राम जतन साहनी उर्फ रामू की सिर कूंचकर हत्या कर दी गई।
2021 – फिजिकल एजुकेशन के छात्र मुकेश पांडेय पर बिरला हॉस्टल के पास फायरिंग की घटना।
26 अक्टूबर 2021 – बीएचयू एनसीसी और केंद्रीय विद्यालय में दाखिले के नाम पर 30 बच्चों के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया।
2018–2023 के बीच – परिसर से चंदन के आठ पेड़ काटे गए और सैकड़ों क्विंटल लकड़ी की तस्करी की गई।
31 अगस्त 2023 – परिसर में एक महिला प्रोफेसर से छेड़खानी, कपड़े फाड़ने और अभद्रता का मामला दर्ज हुआ।
2 नवंबर 2023 – आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश पैदा किया।
मेडिकल छात्रों पर जानलेवा हमला और चिकित्सकों पर हत्या की प्राथमिकी जैसे मामले भी सामने आए।
28 जुलाई 2025 – तेलुगु विभागाध्यक्ष प्रो. चेल्ला रामामूर्ति पर जानलेवा हमला किया गया।
