रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी।मार्च 2026 काशी की सुप्रसिद्ध ‘अस्सी’ की परंपरा और संगीत की अटूट विरासत एक बार फिर जीवंत होने जा रही है। विश्व प्रसिद्ध 103वां संकट मोचन संगीत समारोह इस वर्ष 6 से 11 अप्रैल तक मंदिर प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष का समारोह न केवल कला की दृष्टि से, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द की दृष्टि से भी ऐतिहासिक होने वाला है।
हनुमान जी के दरबार में गूँजेगी ‘जुगलबंदी’
समारोह की सबसे खास बात यह है कि इस बार 14 मुस्लिम कलाकार बजरंगबली के चरणों में अपनी शास्त्रीय प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत के 11 पद्म पुरस्कार से सम्मानित दिग्गज भी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे, जिनमें से कई कलाकार पहली बार बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने आ रहे हैं।
कलाकारों की संख्या: मुख्य 45 कलाकारों सहित कुल 150 से अधिक कलाकार शामिल होंगे।
महंत की अपील: संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्रा ने आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा “मेरा आग्रह है कि एक मंदिर ऐसा रहने दिया जाए जहाँ सभी धर्मों और विचारों के लोगों को आने और अपनी कला अर्पित करने की अनुमति हो।”
हनुमान जयंती पर भव्य ‘रामायण सम्मेलन’
संगीत समारोह से पूर्व, 2 से 5 अप्रैल तक संकट मोचन हनुमान जी की जयंती के उपलक्ष्य में भव्य रामायण सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें देश के विभिन्न शहरों से प्रसिद्ध रामायण मंडलियां और मानस वक्ता शिरकत करेंगे। इस अधिवेशन की अध्यक्षता स्वयं अखिल ब्रह्माण्डनायक सीताराम महाराज करेंगे।
कार्यक्रम की रूपरेखा
तिथि समय कार्यक्रम का विवरण
2 अप्रैल, सुबह 06:00 – 09:00 हनुमान जी का पूजन, आरती और भव्य झांकी
2 अप्रैल,सुबह 09:00 बजे से श्री रामायण जी का पूजन और मानस का एकाह पाठ
2 अप्रैल, पूरी रात भजन और रामायण मंडलियों द्वारा अखंड गान
3 से 5 अप्रैल, शाम 05:00 – 10:00 विद्वानों द्वारा श्रीरामचरितमानस पर विशेष प्रवचन
भक्तों से पुण्य के भागीदार बनने की अपील
महंत प्रो. विश्वम्भर नाथ मिश्र ने समस्त रामभक्तों, संगीत प्रेमियों और मानस प्रेमियों से अपील की है कि वे इस पावन उत्सव में सक्रिय रूप से सम्मिलित होकर पुण्य और यश प्राप्त करें। यह आयोजन न केवल धार्मिक है, बल्कि काशी की उस गंगा-जमुनी तहजीब का जीवंत प्रमाण है जो सदियों से पूरी दुनिया को प्रेम का संदेश देती आई है।
