रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी। मौनी अमावस्या के पावन स्नान पर्व से पूर्व, गंगा घाटों को निर्मल और स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से शनिवार को नमामि गंगे और नगर निगम द्वारा संयुक्त स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया गया। ‘स्वच्छता ही सेवा’ के संकल्प के साथ स्वयंसेवकों और कर्मचारियों ने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार से लेकर दशाश्वमेध घाट तक श्रमदान किया।
जन-भागीदारी और जागरूकता
अभियान के दौरान न केवल घाटों की सफाई की गई, बल्कि वहां मौजूद पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने नाव पर सवार होकर लाउडस्पीकर के माध्यम से जन-जन तक संदेश पहुँचाया। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित बातों पर जोर दिया:
गंगा में किसी भी प्रकार की गंदगी या पूजन सामग्री विसर्जित न करें।
सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन का पूर्णतः त्याग करें।
घाटों को अपना घर समझकर स्वच्छ बनाए रखें।
संकल्प की गूंज
राजेश शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा, “मां गंगा भारत की शाश्वत पहचान, आजीविका का आधार और हमारी मर्यादा हैं। मौनी अमावस्या पर लाखों श्रद्धालु यहां डुबकी लगाएंगे, ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम गंगा किनारे गंदगी न करें और न ही किसी को करने दें।” इस अवसर पर वहां उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने भी स्वच्छता को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
प्रमुख उपस्थिति
इस गरिमामयी आयोजन में विवेक भाटी, नगर निगम सुपरवाइजर कामेश्वर सेठ, दिनेश चौधरी, सुनील, मोहन, महेंद्र साहनी और रिंकू सहित नमामि गंगे के अनेक स्वयंसेवक व नगर निगम के कर्मचारी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
