रिपोर्ट – गोपी गुप्ता 

वाराणसी। 2 अप्रैल, मोक्ष की नगरी काशी का दक्षिणी कोना गुरुवार को पूरी तरह ‘भगवामय’ नजर आया। अवसर था अंजनी नंदन श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित 23वीं भव्य ‘श्री हनुमान ध्वजा यात्रा’ का। श्री हनुमत् सेवा समिति (नेवादा) द्वारा आयोजित इस यात्रा ने इस वर्ष आस्था और जनभागीदारी के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। लगभग 2 किलोमीटर लंबी कतार में 7 राज्यों से आए 25,000 से अधिक भक्तों ने जब जय श्रीराम का जयघोष किया, तो पूरी काशी गुंजायमान हो उठी।

डमरूओं की गूँज और 60 फीट का रथ

यात्रा का आगाज सुबह भिखारीपुर तिराहे पर भव्य आरती के साथ हुआ। 11 ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार और 200 से अधिक डमरूओं की थाप ने वातावरण में अद्भुत ऊर्जा भर दी। आकर्षण का मुख्य केंद्र 60 फीट लंबा वाहन था, जिस पर प्रभु श्री राम का दरबार और हनुमान जी की पालकी विराजमान थी।

शौर्य और श्रद्धा का अनूठा संगम

इस वर्ष की यात्रा में श्रद्धा के साथ-साथ शौर्य का भी प्रदर्शन देखने को मिला:

गदाधारी दल: 1100 भक्त हाथों में बजरंगबली की प्रतीक ‘गदा’ लेकर शौर्य का प्रदर्शन करते चल रहे थे।

नारी वाहिनी: कोनिया कार्यालय की नारी वाहिनी ने तलवारबाजी और दंड प्रदर्शन के जरिए नारी शक्ति का लोहा मनवाया।

सांस्कृतिक झाँकियाँ: नेवादा का अघोरी दल और मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध ‘तहलका धमाल बैंड’ पूरी राह आकर्षण का केंद्र बना रहा।

‘पवित्र काशी’ का संकल्प

उत्सव के उल्लास के बीच एक गंभीर सामाजिक संदेश भी दिया गया। यात्रा में शामिल हजारों भक्तों ने काशी के अंतर्ग्रही क्षेत्र को मांस-मदिरा मुक्त बनाने की शपथ ली। “अभियान पवित्र काशी” की विशेष झांकी के माध्यम से नगर की सात्विकता और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की पुरजोर मांग की गई।

सेवा और सत्कार के 200 केंद्र

5.25 किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग पर सेवा भाव की पराकाष्ठा दिखी। राहगीरों और भक्तों के लिए स्थानीय नागरिकों द्वारा 200 से अधिक स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ जूस, लस्सी, फल और जल की व्यवस्था थी। समिति की ओर से 501 किलो लड्डू का महाप्रसाद वितरित किया गया। कड़ी धूप के बावजूद हजारों महिलाएं नंगे पाँव हाथों में ध्वजा लिए संकट मोचन दरबार की ओर बढ़ती रहीं।

प्रमुख जनों की गरिमामयी उपस्थिति

यात्रा में काशी के प्रबुद्ध संतों, महंतों और दंडी स्वामियों के साथ डॉ. चंद्रमौली उपाध्याय, डॉ. एस.एन. सिंह, डॉ. गिरीश चंद तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

आयोजन को सफल बनाने में समिति के संस्थापक अध्यक्ष रामबली मौर्य, कोषाध्यक्ष अजय मौर्य, संरक्षक डॉ. सन्तोष ओझा और अन्य पदाधिकारियों ने मुख्य भूमिका निभाई। सुरक्षा की दृष्टि से भी पुलिस बल मुस्तैद रहा, जिससे इतनी विशाल यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संकट मोचन मंदिर तक

पहुँचाया जा सका।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *