रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी। रामनवमी के पावन अवसर पर वाराणसी में मुस्लिम महिलाओं द्वारा आयोजित विश्व प्रसिद्ध “श्रीराम महाआरती” का कार्यक्रम इस वर्ष भी पूरे भव्यता और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। हर वर्ष की भांति इस बार भी यह अनूठा आयोजन धार्मिक सद्भाव और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

मुस्लिम महिला फाउंडेशन एवं विशाल भारत संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह महाआरती पूर्वाह्न 11 बजे से सुभाष भवन, इन्द्रेश नगर, लमही में शुरू हुई। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान और भक्ति गीतों के साथ हुई, जहां मुस्लिम महिलाओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भगवान श्रीराम की आरती उतारी।
कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय और राममय हो गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर धार्मिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। आयोजन स्थल पर भक्ति गीतों और जयकारों की गूंज सुनाई दी, जिससे माहौल उत्सवमय बना रहा।
आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है। वर्षों से आयोजित हो रही यह महाआरती न केवल वाराणसी बल्कि देशभर में एक सकारात्मक संदेश देती है कि विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग मिलकर सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा दे सकते हैं।
कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गणमान्य व्यक्तियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता और गंगा-जमुनी तहजीब का सशक्त उदाहरण बताया।
आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी यह परंपरा इसी प्रकार जारी रहेगी और समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारे का संदेश फैलाती रहेगी।
