जन्माष्टमी उत्सव: 2 से 5 सितंबर तक होंगे श्रीमद्भागवत कथा, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम; 51 प्रकार की वस्तुओं से होगा महा-अभिषेक, 108 व्यंजनों का लगेगा महाभोग

इस्कॉन वाराणसी जन्माष्टमी उत्सव…
वाराणसी। भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य दिवस जन्माष्टमी के अवसर पर दुर्गाकुंड स्थित इस्कॉन वाराणसी में बुधवार से चार दिवसीय भव्य जन्माष्टमी उत्सव की शुरुआत होगी। 2 से 5 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और भक्ति से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उत्सव को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन के दौरान 24 घंटे निरंतर कीर्तन होगा और मंदिर परिसर ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण’ महामंत्र की ध्वनि से गूंजता रहेगा।

उत्सव का आयोजन इस्कॉन वाराणसी के अध्यक्ष श्रीमान अच्युत मोहन दास के मार्गदर्शन में श्रीमान साक्षी मुरारी दास, श्रीमान रसिक गोविंद दास, श्रीमान मुरारी गुप्ता दास, श्रीमान धवल कृष्ण दास और राम केशव दास द्वारा किया जा रहा है। आयोजकों को उम्मीद है कि चार दिवसीय उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।

श्रीमद्भागवत कथा से होगी शुरुआत

उत्सव के पहले चरण में 2 और 3 सितंबर को सुबह 8 से 10 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा का वाचन श्रीमान अच्युत मोहन प्रभु करेंगे। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, उनकी शिक्षाओं और आध्यात्मिक संदेशों पर श्रद्धालुओं को जानकारी दी जाएगी।

कथा के बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रसादम की व्यवस्था भी की जाएगी। मंदिर प्रबंधन की ओर से कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचने की अपील की गई है।

भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

उत्सव के दूसरे चरण में 4 और 5 सितंबर को शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक भक्ति संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। IIT-BHU के पूर्व छात्रों द्वारा गठित विशुद्ध बैंड की ओर से कीर्तन और भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।

इसके अलावा भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनकी बाल लीलाओं और आध्यात्मिक संदेशों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेंगी। कलाकारों की ओर से प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रीकृष्ण के प्रति भक्ति और समर्पण को दर्शाया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

जन्माष्टमी उत्सव

51 प्रकार की वस्तुओं से होगा महा-अभिषेक

जन्माष्टमी उत्सव का प्रमुख आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण का कलश महा-अभिषेक रहेगा। आयोजकों के अनुसार विभिन्न प्रकार के पुष्पों सहित 51 प्रकार की वस्तुओं से भगवान का दिव्य अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद भव्य आरती होगी, जिसमें श्रद्धालु भी शामिल हो सकेंगे।

भगवान श्रीकृष्ण का विशेष श्रृंगार भी किया जाएगा। इसके लिए पारंपरिक भारतीय और आधुनिक शैली के आकर्षक परिधानों की तैयारी की गई है। इस्कॉन वाराणसी के गृहस्थ भक्तों द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई पुष्पमालाओं से भगवान का श्रृंगार किया जाएगा।

दो क्विंटल से अधिक हलवे का प्रसाद

उत्सव में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की भी विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजकों के मुताबिक शुद्ध देसी घी से दो क्विंटल से अधिक हलवा तैयार किया जाएगा, जिसे श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। आयोजन के दौरान भक्तों के लिए प्रसादम की व्यवस्था भी रहेगी।

नंदोत्सव के साथ होगा समापन

4 दिवसीय जन्माष्टमी उत्सव का समापन नंदोत्सव के साथ होगा। इस अवसर पर श्रील प्रभुपाद कथा, विशेष कीर्तन और महा-अभिषेक आयोजित किया जाएगा। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण को 108 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग अर्पित किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए भंडारा प्रसाद की भीइस्कॉन वाराणसी जन्माष्टमी उत्सव... व्यवस्था रहेगी।

इस्कॉन वाराणसी की ओर से श्रद्धालुओं और आमजन से उत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है। आयोजकों के अनुसार जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश खुला रहेगा। चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में भक्ति, संगीत, कथा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

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