वाराणसी। ऑल आउट बनाने वाली कंपनी ब्रिलॉन कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने वाराणसी में अपनी जन-जागरूकता पहल ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ की पहली वर्षगांठ मनाई। वर्ष 2025 में वर्ल्ड डेंगू डे के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सहयोग से शुरू की गई इस पहल के एक वर्ष पूरे होने पर कंपनी ने इसकी इम्पैक्ट रिपोर्ट जारी की, जिसमें डेंगू के प्रति जागरूकता, व्यवहार परिवर्तन और सामुदायिक भागीदारी के सकारात्मक परिणामों को साझा किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, वाराणसी के पंडितपुर गाँव में डेंगू और मलेरिया के प्रति जागरूकता 97 प्रतिशत तक पहुँच गई है, जबकि 90.1 प्रतिशत परिवार नियमित रूप से घरों में जमा पानी को बदलने की आदत अपना रहे हैं। इसके अलावा लोग तेज बुखार, सिरदर्द जैसे डेंगू के शुरुआती लक्षणों की पहचान बेहतर तरीके से कर रहे हैं और पानी के बर्तनों को ढंककर रखने, जलभराव रोकने तथा मच्छरों से बचाव के उपायों को अपनाने लगे हैं।
कार्यक्रम में ब्रिलॉन कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रतनजीत दास ने कहा कि ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ पहल इस विश्वास का प्रतीक है कि डेंगू की रोकथाम जागरूकता और रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों से शुरू होती है। उन्होंने कहा कि पंडितपुर ने यह साबित किया है कि परिवार, बच्चे, महिलाएं, फ्रंटलाइन वर्कर और स्थानीय प्रतिनिधि मिलकर डेंगू से बचाव को जन आंदोलन का रूप दे सकते हैं।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनिलकुमार जे. नायक ने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए केवल चिकित्सीय उपचार ही नहीं, बल्कि लोगों को मच्छरों के पनपने वाले स्थानों, शुरुआती लक्षणों और घरेलू स्तर पर किए जा सकने वाले बचाव उपायों की जानकारी होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह पहल मेडिकल जागरूकता को सामुदायिक भागीदारी से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनी है।
वाराणसी के जिला मलेरिया अधिकारी एस.सी. पांडे ने कहा कि पंडितपुर की सफलता जनभागीदारी की ताकत को दर्शाती है। स्थानीय निवासियों, बच्चों, स्वास्थ्यकर्मियों और विभिन्न संस्थाओं ने मिलकर जिस तरह काम किया है, वह सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल है।
इम्पैक्ट रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 82 प्रतिशत लोगों ने कार्यक्रम के प्रति संतुष्टि व्यक्त की, जबकि 98.6 प्रतिशत लोगों ने ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ अभियान से जुड़ने के बाद गर्व और अपनापन महसूस करने की बात कही। वहीं 99 प्रतिशत प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम को आगे भी जारी रखने की इच्छा जताई।
कार्यक्रम में बच्चों को विशेष रूप से शामिल किया गया। ‘दबंग डेंगू जासूस’ के रूप में बच्चों ने ‘डेंगू सुरक्षित घर रिपोर्ट कार्ड’ के माध्यम से घर-घर जाकर निगरानी और जागरूकता गतिविधियों में भाग लिया। इस पहल के जरिए यह संदेश दिया गया कि डेंगू से बचाव की शुरुआत घर से होती है और नियमित साप्ताहिक जांच से इसे प्रभावी बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर अतिथियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने पंडितपुर में विकसित आदर्श किचन गार्डन, माता मंदिर परिसर और भरण बस्ती तालाब के कायाकल्प जैसी परियोजनाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने देखा कि किस प्रकार पहले जोखिम वाले स्थानों को साफ-सुथरे और उपयोगी सामुदायिक स्थलों में बदला गया है।
कार्यक्रम के अंत में ब्रिलॉन कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने भरोसा जताया कि ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ अभियान के अगले चरण में भी वह चिकित्सा विशेषज्ञों, प्रशासन और स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर डेंगू से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।
