रिपोर्ट – गोपी गुप्ता
वाराणसी। अस्सी स्थित डुमराव बाग कॉलोनी में आदिशंकराचार्य महासंस्थानम श्री काशी सुमेरु पीठ में परशुराम जयंती के अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती के सानिध्य में भगवान परशुराम की सहस्त्रार्चन एवं विधिवत पूजा-अर्चना की गई।
कार्यक्रम के अंतर्गत परशुराम विधानम एवं परशुराम तंत्र लोक के आधार पर भगवान परशुराम के यंत्र का 10 हजार गुलाब, गेंदा और कुमकुम के पुष्पों से विशेष पूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।
इस अवसर पर अपने संबोधन में शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने समाज को एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सनातन समाज को आपसी मतभेद भुलाकर एकता के सूत्र में बंधना चाहिए। भगवान परशुराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध खड़े होकर धर्म और मानवता की रक्षा की, जो आज भी प्रासंगिक है।
उन्होंने आगे कहा कि परशुराम तांत्रिक उपासना के माध्यम से साधक अनेक सिद्धियां प्राप्त कर सकते हैं। भगवान परशुराम के आराध्य ललितांबा त्रिपुरसुंदरी और धूमावती की साधना से उन्हें भगवान दत्तात्रेय का आशीर्वाद प्राप्त हुआ, जिसके बल पर उन्होंने लोककल्याण के अनेक कार्य किए।
कार्यक्रम में प्रभाकर त्रिपाठी, बालक चैतन्य महाराज, माधवानंद महाराज, श्रवण देव आश्रम एवं सरोजानंद सरस्वती दंडी संन्यासी सहित कई संत-महात्मा और श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन के समापन पर भव्य ब्राह्मण भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
