रिपोर्ट – पवन आजाद 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के दृश्य कला संकाय स्थित अहिवासी कला दीर्घा में बी.एफ.ए. (चित्रकला) के 11 विद्यार्थियों की सामूहिक चित्र प्रदर्शनी ‘रंग मंजरी’ का आयोजन किया गया है, जो उदीयमान प्रतिभाओं की रचनात्मक अभिव्यक्ति और नवाचार का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। यह प्रदर्शनी एक विचारोत्तेजक एवं दृष्टि-संवेदनशील कला की बानगी है, जो सामूहिक सामर्थ्य, सृजनशीलता और कलात्मक समन्वय का प्रतीक बनकर सामने आई है।

प्रदर्शनी में शामिल कलाकार—एश्वर्या हलदर, स्वागतो दास, सत्यजीत सिंह, अभिनव मौर्य, कीर्ति सिंह, हर्ष मौर्य, श्रुति कुमारी, हिमांशु यादव, प्रशंसिका श्री, येशू बाबू और आदित्य सेन—अपनी-अपनी विशिष्ट कलात्मक दृष्टियों को प्रस्तुत कर रहे हैं। यद्यपि प्रत्येक कलाकार की अभिव्यक्ति व्यक्तिगत अनुभूतियों पर आधारित है, फिर भी सभी एक साझा शैक्षणिक यात्रा के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। ‘रंग मंजरी’ शीर्षक के अंतर्गत इनका यह सामूहिक प्रयास विभिन्न रंगों और सुगंधों से मिलकर बने पुष्प-गुच्छ की तरह सामूहिक चेतना और समन्वय की भावना को दर्शाता है।

यह प्रदर्शनी समकालीन विषयों की व्यापक परिधि को स्पर्श करती है, जिसमें मानवीय संबंध और पहचान से लेकर सामाजिक-सांस्कृतिक परिवर्तन तथा ब्रह्मांडीय प्रतीकात्मकता तक की अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। कलाकारों ने पारंपरिक भारतीय कलारूपों, अमूर्त प्रतीकों, ग्रामीण-शहरी जीवन के विरोधाभासों और पर्यावरणीय चेतना को अपनी कृतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।

प्रदर्शनी का उद्घाटन उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा और दृश्य कला संकाय की संकाय प्रमुख प्रो. उत्तमा दीक्षित ने संयुक्त रूप से किया। डॉ. विश्वकर्मा ने कलाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि वसंत ऋतु और नव संवत्सर के शुभ अवसर पर आयोजित यह प्रदर्शनी वास्तव में रंगों और सृजनशीलता का सुंदर संगम है। वहीं प्रो. उत्तमा दीक्षित ने विद्यार्थियों को इस प्रयास के लिए बधाई देते हुए कहा कि स्वतंत्र कलाकार के रूप में पहचान बनाने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।

इस अवसर पर भारत कला भवन के पूर्व संयुक्त निदेशक डॉ. नवल कृष्ण, चित्रकला विभाग के डॉ. महेश सिंह, श्री सुरेश नायर, डॉ. ललित मोहन सोनी, डॉ. किरण गुप्ता, डॉ. सुनील कुमार पटेल, व्यावहारिक कला विभाग के डॉ. आशीष गुप्ता, ज्ञानेंद्र कनौजिया, श्री कृष्णा सिंह तथा मूर्तिकला विभाग के डॉ. मिथुन कुमार दत्ता सहित अनेक आचार्य, शोधार्थी, विद्यार्थी और कला प्रेमी उपस्थित रहे।

चित्रकला विभाग के सहायक आचार्य डॉ. सुरेश चंद्र जांगिड़ द्वारा क्यूरेट की गई यह प्रदर्शनी नवोदित कलाकारों को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच प्रदान करने और एक नई कलात्मक यात्रा की शुरुआत करने का अवसर दे रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय नव संवत्सर के अवसर पर 11 युवा कलाकारों की भागीदारी के कारण इस प्रदर्शनी का नाम ‘रंग मंजरी’ रखा गया है। यह प्रदर्शनी 1 अप्रैल तक आमजन के अवलोकनार्थ उपलब्ध रहेगी।

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