वाराणसी। धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी, जिसे गंगा-जमुनी तहज़ीब की पहचान माना जाता है, वहां सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के उद्देश्य से सर्व धर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में हिंदू और मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार भी शामिल हुए। इस दौरान मुस्लिम महिलाओं द्वारा हिंदू धर्मगुरुओं और इंद्रेश कुमार का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।

यह सर्व धर्म सम्मेलन वाराणसी के अजगरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चोलापुर ब्लॉक के ताला ग्राम में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच और राष्ट्रीय सनातन संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

राष्ट्रीय सनातन संघ के राष्ट्रीय प्रभारी देवेंद्र पांडेय ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच आपसी प्रेम, स्नेह और सौहार्द को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि दोनों समुदायों को मिल-जुलकर रहना चाहिए और समाज में भाईचारे की भावना को मजबूत करना चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक प्रकल्प है और राष्ट्रीय सनातन संघ को इंद्रेश कुमार का संरक्षण प्राप्त है। मंच से जुड़े कई मुस्लिम सदस्य देश सेवा और राष्ट्रहित की भावना के साथ कार्य कर रहे हैं।

जौनपुर के गौराबादशाहपुर से सम्मेलन में पहुंचे मुमताज अहमद काशमी ने कहा कि 20-25 वर्ष पहले हिंदू-मुस्लिम के बीच जो एकता थी, वह आज कम होती दिखाई दे रही है। छोटी-छोटी बातों पर विवाद और तनाव की स्थिति बन जाती है। उन्होंने कहा कि पहले जैसा सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने के लिए ऐसे कार्यक्रम केवल जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि गांव-गांव में आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कुछ राजनीतिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाज को बांटने की राजनीति से दूरी बनानी चाहिए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरएसएस के कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि देश में धीरे-धीरे ऐसी विचारधारा विकसित हो रही है, जो सभी धर्मों को जोड़ने की बात करती है। उन्होंने कहा कि कोई भी मजहब आपसी बैरभाव की शिक्षा नहीं देता, बल्कि सभी धर्म सम्मान, सह-अस्तित्व और शांति का संदेश देते हैं। उन्होंने दंगा मुक्त, नशा मुक्त और चरित्रवान भारत के निर्माण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि चाहे कोई भी धर्म या समुदाय हो, सभी का लक्ष्य एक शांत और सौहार्दपूर्ण देश होना चाहिए।

चुनाव के समय सामाजिक तनाव बढ़ाने वाले बयानों पर सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राजनीति हो या धार्मिक स्थल, हर जगह मर्यादित और सम्मानजनक भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए।

प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी को अपनी मर्यादा में रहकर आचरण करना चाहिए। साधु-संतों के सम्मान को लेकर उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई जाती रही है और इस विषय में किसी तरह की गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।

बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यदि वहां अत्याचार नहीं रुकते हैं तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

अयोध्या दौरे और कुछ नेताओं के रामलला के दर्शन न करने के सवाल पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि प्रभु के दर्शन करना और उनसे जीवन की सीख लेना हर किसी के भाग्य पर निर्भर करता है।

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