रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी | 19 जनवरी ,माघ मास के पावन अवसर पर आज सोमवार को जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में अहिल्याबाई घाट पर सामूहिक गंगा स्नान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पंचांग के अनुसार माघ मास, शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा और सिद्धि योग के विशेष संयोग पर कांग्रेसजनों ने मां गंगा में डुबकी लगाई और काशी की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण का संकल्प लिया।
सांस्कृतिक चेतना और धार्मिक आस्था का संगम
गंगा स्नान के पश्चात आयोजित सभा में वक्ताओं ने काशी की प्राचीनता और ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने पर बल दिया। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया गया।
विरासत से समझौता नहीं: राजेश्वर सिंह पटेल
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल ने कहा कि माघ मास में गंगा स्नान केवल आत्मशुद्धि नहीं, बल्कि लोककल्याण का मार्ग है। उन्होंने वर्तमान चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा, “काशी सनातन सभ्यता की आत्मा है। आज जिस प्रकार प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर सवाल उठ रहे हैं, ऐसे में कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। हम संकल्प लेते हैं कि काशी की अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान से कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा।”
महारानी अहिल्याबाई होलकर को किया नमन
महारानी अहिल्याबाई होलकर के योगदान को याद करते हुए पटेल ने कहा कि उन्होंने देशभर में मंदिरों और घाटों का जीर्णोद्धार कराकर सनातन संस्कृति को नई संजीवनी दी थी। आज उनके नाम पर बने घाट पर शपथ लेकर हम उनके द्वारा निर्मित धरोहरों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
शांति और सामाजिक न्याय की कामना
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की और देश में शांति, आपसी सद्भाव तथा सामाजिक न्याय की कामना की।
प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, मनीष मोरोलिया, डॉ. राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, अरुण सोनी, वकील अहमद, चंचल शर्मा, प्रमोद वर्मा, हसन मेहदी कब्बन, नरसिंह दास, यासीन राईन, आकाश मल्होत्रा, धीरज सोनकर, किशन यादव, अरविंद सेठ, अनिल पटेल, सुरेन्द कन्नोजिया, रामजी गुप्ता, विकास पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में जिला व महानगर कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सादर,
जिला/महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी
